शरीर की असली ताकत है हड्डियाँ, आयुर्वेद में जानिए मजबूत और स्वस्थ रखने के उपाय
Ayurveda Upay for Bones Health: हड्डियां अस्थि धातु कहलाती हैं और वात दोष से जुड़ी होती हैं। असंतुलित आहार, नींद की कमी और गलत जीवनशैली से अस्थि धातु कमजोर हो जाती है।
- Written By: दीपिका पाल
शरीर की असली ताकत है हड्डियाँ (सौ. सोशल मीडिया)
Bones Health in Hindi: हमारे शरीर के सभी अंग किसी न किसी रूप में खास भूमिका निभाते है। इसमें ही हड्डियों का स्थान सबसे जरूरी है जो शरीर की मजबूत नींव की तरह होती है। हड्डियां सिर्फ शरीर को खड़ा रखने का काम नहीं करतीं, बल्कि हमारे जीवन की हर गतिविधि का आधार हैं। अगर हड्डियां मजबूत हैं, तो शरीर हर चुनौती का सामना कर सकता है, लेकिन अगर ये कमजोर हो जाएं, तो चलना-फिरना, काम करना और रोजमर्रा की गतिविधियां मुश्किल हो जाती हैं। आज के समय में युवा भी हड्डियों के कमजोर होने की समस्या से जूझ रहे है जहां पर पहले यह स्थिति बुजुर्गो में थी।
शरीर के हर अंग से जुड़ी होती है हड्डी
कहा जाता है कि, व्यक्ति के शरीर में हड्डियां बेहद खास होती है।ये शरीर का ढांचा देती हैं, मांस और अंगों को सहारा देती हैं। इसके अलावा हड्डियां हमारे महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा भी करती हैं, जैसे खोपड़ी दिमाग की, पसलियां दिल और फेफड़ों की, और रीढ़ की हड्डी स्पाइनल कॉर्ड की रक्षा करती है। हड्डियों में मांसपेशियों के सहारे हमें चलने-फिरने में दिक्कत आती है।हड्डियां शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस का सबसे बड़ा भंडार हैं और इन्हीं से हड्डियां मजबूत होती हैं। हड्डियों के अंदर मौजूद बोन मैरो में लाल और सफेद रक्त कोशिकाएं बनती हैं, जो हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं।
हड्डियों की कमजोरी से बीमारी
अगर आपके शरीर की हड्डियों में कमजोरी होती है तो गंभीर मामलों में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों की स्थिति बनती है। जैसे ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां कमजोर और खोखली हो जाती हैं, आर्थराइटिस में जोड़ों में दर्द और सूजन होती है, चोट लगने पर फ्रैक्चर हो जाता है, और विटामिन डी की कमी से हड्डियां मुलायम और दर्दनाक हो जाती हैं। इसके अलावा, गठिया में यूरिक एसिड की अधिकता से जोड़ों में दर्द होता है।
सम्बंधित ख़बरें
Healthy Habits: बारिश के मौसम में बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा, स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये 5 जरूरी आदतें
30 के बाद किडनी और लिवर को अंदर से साफ रखने का ‘देसी राज’! डॉक्टर ने बताए 5 फूड्स के बारें में
मोगरे में नहीं आ रहे फूल? एक्सपर्ट के ये आसान सीक्रेट अपनाएं, कुछ ही दिनों में कलियों से लद जाएगा पौधा
मुस्कान ही आधी दवा है! सर्वे में खुलासा- मरीजों की रिकवरी में वरदान साबित होता है डॉक्टरों का अच्छा बर्ताव
ये भी पढ़ें- सेहत का खजाना दही किस वक्त खाना है सही
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का करें सेवन
आयुर्वेद के अनुसार हड्डियां अस्थि धातु कहलाती हैं और वात दोष से जुड़ी होती हैं। असंतुलित आहार, नींद की कमी और गलत जीवनशैली से अस्थि धातु कमजोर हो जाती है। तिल, अश्वगंधा, शतावरी और हडजोड़ जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां हड्डियों को पोषण देती हैं। इसके अलावा हड्डियों की मजबूती के लिए आप संतुलित आहार डाइट में शामिल कर सकते है। कैल्शियम के लिए दूध, दही, पनीर और तिल खाएं। विटामिन डी के लिए सुबह की धूप, अंडा और मशरूम लें। प्रोटीन के लिए दालें, चना और राजमा खाना चाहिए। इसके अलावा, रोजाना 30 मिनट की वॉक और योगासन जैसे सूर्य नमस्कार, ताड़ासन और त्रिकोणासन हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।
