सिर्फ एक देसी दाल… और शरीर में प्रोटीन की कमी से लेकर पथरी तक पर असर आयुर्वेद भी मानता है इसे सेहत का खजाना
Kulthi Dal Benefits For Health: क्या आप जानते हैं कि एक साधारण देसी दाल शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने के साथ-साथ किडनी स्टोन जैसी समस्याओं में भी लाभकारी मानी जाती है।
- Written By: सीमा कुमारी
कुलथी की दाल (सौ.सोशल मीडिया)
Desi Dal For Protein Deficiency: दालों का सेवन सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी देसी दाल भी है, जिसे आयुर्वेद में औषधीय गुणों का खजाना कहा गया है? यह दाल न सिर्फ शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने में मदद करती है, बल्कि किडनी स्टोन, पाचन संबंधी समस्याओं, जोड़ों के दर्द और वजन घटाने में भी लाभकारी मानी जाती है।
प्रोटीन का ऐसा देसी खजाना, जिसे ज्यादातर लोग आज भी नहीं जानते
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप शाकाहारी हैं और शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करना चाहते हैं, तो कुलथी की दाल बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इसमें सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि फाइबर, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
जानिए कुलथी की दाल के वो बड़े फायदे, जो इसे बनाते हैं खास
क्या सच में किडनी स्टोन को बाहर निकालने में मदद करती है यह दाल?
आयुर्वेद के अनुसार कुलथी की दाल किडनी स्टोन की समस्या में लाभकारी मानी जाती है। माना जाता है कि इसके कुछ प्राकृतिक गुण पथरी को छोटे-छोटे कणों में टूटने में सहायता कर सकते हैं और पेशाब की मात्रा बढ़ाकर उसे बाहर निकलने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, बड़ी पथरी या गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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बवासीर और कब्ज से परेशान हैं? यह देसी तरीका
कुलथी की दाल में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इससे पाचन बेहतर रहता है और कब्ज की समस्या कम हो सकती है। आयुर्वेद में इसे बवासीर के मरीजों के लिए भी लाभकारी माना गया है। पारंपरिक तरीके से कई लोग इसे रातभर भिगोकर सुबह उसका पानी पीते हैं, लेकिन किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
वजन घटाने वालों के लिए क्यों बन रही है पहली पसंद?
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो कुलथी की दाल आपकी डाइट का हिस्सा बन सकती है। इसमें प्रोटीन और फाइबर अधिक होने के कारण लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। साथ ही इसमें कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए यह वेट मैनेजमेंट में सहायक मानी जाती है।
बार-बार सर्दी, कफ और बंद नाक… आयुर्वेद क्या कहता है?
अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम, कफ, साइनस या सिरदर्द की परेशानी रहती है, तो आयुर्वेद में कुलथी की दाल के सूप या काढ़े का सेवन लाभकारी बताया गया है। माना जाता है कि इसकी तासीर शरीर में जमा कफ को कम करने में मदद कर सकती है।
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पेट की गैस, अपच और डकारों से राहत दिला सकती है यह दाल
जिन लोगों को खाना ठीक से नहीं पचता, गैस बनती है या बार-बार डकारें आती हैं, उनके लिए कुलथी की दाल फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और आंतों की कार्यक्षमता सुधारने में मदद करता है।
जोड़ों के दर्द और सूजन में भी मिल सकता है फायदा
कुलथी की दाल में कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। वहीं इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायक माने जाते हैं।
ध्यान रखें ये जरूरी बात
कुलथी की दाल पोषण से भरपूर है, लेकिन किसी भी चीज़ का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। अगर आपको किडनी, यूरिक एसिड या कोई अन्य गंभीर बीमारी है, गर्भावस्था है या आप किसी विशेष उपचार से गुजर रहे हैं, तो इसे नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
