दौड़ते वक्त फूलने लगती है सांस? सर्दियों में रनिंग के दौरान की गई ये गलती पड़ सकती है भारी
Winter Tips: सर्दियों के मौसम में ठंडी हवा के कारण रनिंग करते समय सांस फूलने की समस्या आम हो जाती है। कई लोग इस दौरान कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो सांस की दिक्कत और थकान बढ़ा सकती हैं।
- Written By: प्रीति शर्मा
सर्दी में रनिंग करता हुआ व्यक्ति (सौ. फ्रीपिक)
Winter Running Tips: कड़ाके की ठंड में बाहर दौड़ना सेहत के लिए फायदेमंद तो है लेकिन यह आपके फेफड़ों के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है। ठंडी और शुष्क हवा सांस की नली में सूजन और जकड़न पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों ने रनर्स के लिए कुछ खास नियम बताए हैं जिससे वे सर्दियों में भी सुरक्षित रनिंग कर सकें।
जैसे-जैसे पारा गिरता है फिटनेस लवर्स और रनर्स के लिए चुनौतियां बढ़ जाती हैं। सर्दियों में दौड़ते समय अक्सर लोगों को सीने में जकड़न या सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ठंडी हवा में नमी की कमी होती है जो सांस लेते समय हमारे श्वसन तंत्र को सुखा देती है। इससे फेफड़ों में जलन और ब्रोंकोस्पैज्म जैसी स्थिति पैदा हो सकती है जिससे सांस फूलने लगती है।
फेफड़ों पर क्यों पड़ता है बुरा असर
जब हम दौड़ते हैं तो हम नाक के बजाय मुंह से गहरी और तेज सांस लेते हैं। नाक हवा को फेफड़ों तक भेजने से पहले उसे गर्म और नम करती है लेकिन मुंह से सीधे जाने वाली बर्फीली हवा फेफड़ों के ऊतकों को ठंडा कर देती है। इससे अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों की समस्या गंभीर हो सकती है। इससे बचने के लिए आप कुछ तरीकों को अपना सकते हैं।
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नाक से सांस लेने का अभ्यास करें
विशेषज्ञों की सबसे पहली सलाह है कि जितना संभव हो नाक से सांस लें। नाक एक प्राकृतिक फिल्टर और हीटर का काम करती है जो हवा के तापमान को शरीर के अनुकूल बना देती है।
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नेक वार्मर या मास्क का उपयोग
दौड़ते समय अपने मुंह और नाक को हल्के कपड़े या नेक गेटर से ढकें। यह आपकी छोड़ी गई सांस की नमी को वापस अंदर भेजने में मदद करता है जिससे फेफड़ों को गर्म हवा मिलती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
वार्म-अप है जरूरी
कड़ाके की ठंड में सीधे तेज दौड़ना शुरू न करें। घर के अंदर ही 10-15 मिनट का वार्म-अप करें ताकि फेफड़े और मांसपेशियां धीरे-धीरे सक्रिय हो सकें।
हाइड्रेटेड रहें
सर्दियों में प्यास कम लगती है लेकिन फेफड़ों की नमी बनाए रखने के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से फेफड़ों में बलगम पतला रहता है और सांस लेना आसान होता है।
कब है रुकना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बाहर का तापमान बहुत ज्यादा कम हो (शून्य से नीचे) तो बाहर दौड़ने के बजाय ट्रेडमिल या इनडोर वर्कआउट को प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि दौड़ते समय सीने में दर्द, लगातार खांसी या घरघराहट महसूस हो तो तुरंत रुकें और डॉक्टर से सलाह लें।
सर्दी का मौसम आपकी फिटनेस में बाधा नहीं बनना चाहिए बशर्ते आप अपने फेफड़ों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य मान्यताओं और सूचनात्मक उद्देश्यों पर आधारित है। Navbharatlive.com इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।
