आंखों को रगड़ते हुए महिला (सौ. सोशल मीडिया)
Holi Eye Care Tips: रंगों का त्योहार होली खुशियां लेकर आता है लेकिन बाजार में बिकने वाले सिंथेटिक और जहरीले केमिकल युक्त रंग आपकी आंखों के लिए काल बन सकते हैं। रंगों में मौजूद धातु और क्षारीय तत्व आंखों में गंभीर सूजन और स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बाजार में मिलने वाले अधिकांश रंगों में ग्लास पाउडर, लेड और खतरनाक सिंथेटिक रसायन होते हैं। ये तत्व आंखों की सबसे नाजुक परत कॉर्निया को बुरी तरह जख्मी कर सकते हैं। पानी के गुब्बारे या तेज छींटे इस खतरे को दोगुना कर देते हैं जिससे आंखों के अंदरूनी हिस्से में ब्लीडिंग तक हो सकती है।
अगर गलती से आंखों में रंग चला जाए तो घबराने के बजाय इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं।
आंखों को मलने से रंग के कण कॉर्निया पर खरोंच पैदा कर सकते हैं। सबसे पहले अपने हाथ धोएं और आंखों के आसपास का हिस्सा साफ करें।
अपने सिर को एक तरफ झुकाएं। नल के साफ पानी या स्टेराइल सलाइन को आंख के अंदरूनी कोने से बाहर की ओर बहने दें।
होली खेलते हुए महिला (सौ. फ्रीपिक)
यह भी पढ़ें:- सावधान! पीरियड्स में योग करने से पहले जान लें ये सच, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
पानी डालते समय लगातार पलकें झपकाते रहें ताकि गहराई में फंसा रंग बाहर निकल जाए। यह प्रक्रिया कम से कम 15 मिनट तक दोहराएं।
आंखों को धोने के लिए कभी भी गर्म या गुनगुने पानी का इस्तेमाल न करें केवल सादा और साफ पानी ही सुरक्षित है।
अक्सर लोग आंखों की जलन कम करने के लिए घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं जो स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।
होली का मजा लेना चाहते हैं तो सुरक्षा का भी ध्यान रखें। यदि 15 मिनट पानी से धोने के बाद भी लाली, धुंधलापन या तेज दर्द बना रहता है तो बिना देरी किए आई स्पेशलिस्ट (Ophthalmologist) से संपर्क करें।