सावधान! भीषण गर्मी में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 3 गलतियां? इन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
Heatwave Precautions: गर्मियों में बढ़ती तापमान की मार सेहत पर भारी पड़ सकती है खासकर तब जब हम कुछ आम लेकिन खतरनाक गलतियां कर बैठते हैं। जिसकी वजह से लू, डिहाइड्रेशन आदि हो सकता है।
- Written By: प्रीति शर्मा
तेज धूप में परेशान व्यक्ति (सौ. एआई)
Summer Health Tips: उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच यह समझना जरूरी है कि बढ़ती तपिश केवल पसीना नहीं निकालती बल्कि यह सीधे तौर पर आपके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है। इस मौसम में की गई थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल पहुंचा सकती है।
डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक
तेज धूप और लू शरीर में पानी के स्तर को तेजी से कम करती हैं जिसे मेडिकल भाषा में डिहाइड्रेशन कहा जाता है। इसके शुरुआती लक्षणों में चक्कर आना, भारीपन, सिरदर्द, मतली और अत्यधिक कमजोरी महसूस होना शामिल है।
जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है तो यह हीट स्ट्रोक का रूप ले लेती है। हीट स्ट्रोक में शरीर अपना तापमान नियंत्रित करने की क्षमता खो देता है जिससे शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है। यदि समय पर उपचार न मिले तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
Monsoon Fashion Tips: मानसून में ट्राई करें ये कलर कॉम्बो, मिलेगा फ्रेश और स्टाइलिश रेनी सीजन वाइब
Pranayama Benefits: सांसों पर ध्यान देकर दूर करें तनाव, दिनभर रहेंगे खुश और एनर्जेटिक
Hair Wash: सप्ताह में कितनी बार धोने चाहिए बाल? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
Dehydration In Periods: क्या कम पानी पीने से बिगड़ सकता है पीरियड फ्लो? जानिए पीरियड हेल्थ पर इसका असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे के बीच सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं। इस समय घर से बाहर निकलना सबसे जोखिम भरा होता है। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो हमेशा छाता, टोपी या सूती गमछे का प्रयोग करें।
यह भी पढ़ें:- World Heritage Day 2026: भारत की इन रहस्यमयी जगहों का क्या है इतिहास? जानें क्यों UNESCO ने दिया खास दर्जा
कैसा हो लाइफस्टाइल
गर्मी में कपड़ों का चुनाव बहुत मायने रखता है। काले और गहरे रंग के कपड़े ऊष्मा को सोखते हैं जिससे शरीर और गर्म हो जाता है। इसके बजाय हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें। घर के भीतर भी वेंटिलेशन का ध्यान रखें और दिन में कम से कम दो बार स्नान करें ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे।
खान-पान में बदलाव
- गर्मियों में पाचन शक्ति थोड़ी कमजोर हो जाती है। ऐसे में तला-भुना, मसालेदार या ज्यादा भारी भोजन करने से पेट की समस्याएं और डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है।
- ताजे फल (तरबूज, खरबूजा), हरी सब्जियां, खीरा और ककड़ी।
- सादे पानी के अलावा नींबू पानी, ताजी छाछ, नारियल पानी और ओआरएस का घोल। कोशिश करें कि प्यास न लगने पर भी घूंट-घूंट कर पानी पीते रहें।
यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए उसे तेज बुखार हो या वह भ्रम की स्थिति में दिखे तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर लिटाएं। शरीर पर गीले कपड़े की पट्टियां रखें और बिना देरी किए नजदीकी डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें।
