वर्धा में तपता आसमान: पारा 43 पार, लू का खतरा बढ़ा-प्रशासन ने जारी की चेतावनी

Wardha Heat Stroke Warning: वर्धा में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचा। भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, प्रशासन ने हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की।
Scorching Skies in Wardha: Mercury Crosses 43°C, Heatwave Risk Rises—Administration Issues Warning
वर्धा गर्मी लहर( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Wardha Heatwave 2026: वर्धा जिले में गर्मी ने अचानक अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों तक बादलों की मौजूदगी और कहीं-कहीं हुई हल्की बारिश के बाद अब मौसम पूरी तरह साफ हो गया है, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।

सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 43.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि मंगलवार, 14 अप्रैल को यह बढ़कर 43.05 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

दोपहर के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो सूर्य आग उगल रहा हो।

सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। इस भीषण गर्मी के चलते उष्माघात का खतरा भी बढ़ गया है।

जिला प्रशासन ने किया आह्वान जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें।

विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाने की भी सलाह दी गई है।

प्रशासन ने मजदूर वर्ग, खासकर निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों, किसानों और खेत मजदूरों को भी चेतावनी दी है कि वे तेज धूप में काम करने से बचें और अपने काम का समय सुबह या शाम के ठंडे समय में निर्धारित करें।

प्रशासन ने जारी किया येलो अलर्ट

मौसम विभाग की नागपुर वेधशाला ने आगामी दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। इसी को देखते हुए जिले के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जो संभावित खतरनाक मौसम की चेतावनी देता है।

प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। यदि इसी तरह तापमान में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। इसलिए सभी को अपनी और अपने परिवार की सेहत का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

तप रही सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें

बीते कुछ वर्ष में डामरी सड़क की जगह सीमेंट-कंक्रीट की सड़कों का बड़े पैमाने पर निर्माण हुआ है। जिले में विविध राष्ट्रीय महामार्ग तथा राजमार्ग के अलावा शहरों व गांवों की भी अंतर्गत सड़कें यह सीमेंट कंक्रीट की बनी है।

यह सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें बहुत ज्यादा तपती हैं। इतना ही नहीं तो सड़क के चौड़ाईकरण के दौरान पेड़ काटे गए थे। वह पेड़ भी नहीं लगाए गए हैं। जिसकी वजह से अत्याधिक परेशानी बढ़ गई है।

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