सिर्फ 15 दिनों में बिना दवा के घटेगा बैड कोलेस्ट्रॉल! आज से ही शुरू करें ये 5 असरदार घरेलू उपाय
Health Tips: आजकल की खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान के कारण बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है जो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है। इसके लिए घरेलू उपाय मददगार साबित हो सकते हैं।
- Written By: प्रीति शर्मा
कोलेस्ट्राल (सौ. फ्रीपिक)
Cholesterol Control Tips: आज की सुस्त जीवनशैली और डेस्क जॉब ने 30 की उम्र पार करते ही युवाओं को हाई कोलेस्ट्रॉल का शिकार बना दिया है। आमतौर पर लोग इसे नॉर्मल समझकर टाल देते हैं लेकिन यह लापरवाही दिल के दौरे का संकेत हो सकती है।
मॉर्डन लाइफस्टाइल में शारीरिक गतिविधि की कमी और जंक फूड के बढ़ते चलन ने कोलेस्ट्रॉल को एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट बना दिया है। विशेष रूप से 30 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं में लिवर संबंधी विकार और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इसके लक्षण शुरुआत में बहुत सामान्य होते हैं जिससे व्यक्ति इसे पहचान नहीं पाता।
शरीर कब देता है खतरे के संकेत
यदि आपको बहुत अधिक थकान महसूस होती है, सीने में भारीपन या दर्द रहता है, सांस फूलती है या पैरों में अक्सर ऐंठन रहती है, तो यह हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है। इसके अलावा पलकों पर हल्के पीले धब्बे पड़ना भी नसों में जमा हो रही वसा की पहचान है। अगर समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए तो यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक का कारण बनता है।
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बिना दवा कैसे करें कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल
मेथी और लहसुन का संगम: रात को एक चम्मच मेथी दानों के साथ लहसुन की एक कली पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को छानकर पीना नसों में जमा गंदगी को साफ करने का सबसे प्रभावी तरीका है। लहसुन रक्त को प्राकृतिक रूप से पतला करने में मदद करता है।
नाश्ते में बदलें आदत: सुबह के नाश्ते में ओट्स को शामिल करें। ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन और अलसी में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल को शरीर से बाहर निकालने में जादुई भूमिका निभाते हैं।
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प्लांट प्रोटीन का सहारा: अपनी डाइट में राजमा और विभिन्न दालों को जगह दें। राजमा में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकता है और दिल की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।
रिफाइंड तेल का त्याग: कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे बड़ा विलेन रिफाइंड तेल है। इसकी जगह कच्ची घानी सरसों तेल या तिल के तेल का सीमित मात्रा में प्रयोग करें।
पैदल चलना है अनिवार्य: दिनभर एक जगह बैठकर काम करने वाले लोग कम से कम 30 मिनट की तेज सैर जरूर करें।
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना केवल दवाओं का काम नहीं बल्कि सही खान-पान और सक्रिय दिनचर्या का परिणाम है। आयुर्वेद के इन सरल नियमों को अपनाकर आप अपने दिल को लंबे समय तक जवान और सुरक्षित रख सकते हैं।
