सावधान! क्या आप भी खड़े होकर या एक सांस में पीते हैं पानी; किडनी पर पड़ सकता है बुरा असर!
Water Drinking Mistakes: पानी पीना सेहत के लिए बेहद जरूरी है लेकिन इसे पीने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। खड़े होकर या एक ही सांस में पानी पीना शरीर खासकर किडनी पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
- Written By: प्रीति शर्मा
पानी पीते हुए व्यक्ति (सौ. एआई)
Water Drinking Habits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान और प्यास लगना एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन प्यास बुझाने का हमारा तरीका हमारी सेहत पर भारी पड़ सकता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग विशेषकर युवा वर्कआउट या थकान के बाद पानी की पूरी बोतल एक ही सांस में खत्म कर देते हैं। कई लोग इसे एक मजेदार आदत या चुनौती के रूप में देखते हैं लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस व्यवहार को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि पानी पीने का यह तरीका सीधे तौर पर हमारी किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।
क्या कहती है रिसर्च
रिसर्च के अनुसार हमारा शरीर पानी को धीरे-धीरे अवशोषित करने के लिए बना है। किडनी का मुख्य कार्य खून को साफ करना और शरीर में जरूरी तत्वों का संतुलन बनाए रखना होता है। किडनी के भीतर नेफ्रॉन नामक छोटे-छोटे फिल्टर होते हैं जो इस प्रक्रिया को अंजाम देते हैं। जब कोई व्यक्ति अचानक बहुत अधिक मात्रा में पानी पी लेता है तो इन नेफ्रॉन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इस भारी दबाव के कारण किडनी को पानी फिल्टर करने के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिससे लंबे समय में उसकी फिल्टर करने की क्षमता कमजोर हो सकती है।
किडनी पर असर
एक बार में अत्यधिक पानी पीना न केवल किडनी बल्कि शरीर के समग्र रसायनों को भी प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर में सोडियम और अन्य मिनरल्स के संतुलन को बिगाड़ देती है। जब रक्त में पानी की मात्रा अचानक बढ़ जाती है तो सोडियम का स्तर कम हो सकता है जिससे चक्कर आना, कमजोरी या उल्टी महसूस होने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। मेडिकल भाषा में इस गंभीर स्थिति को वाटर इंटॉक्सिकेशन कहा जाता है जो कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
Stress Management: साइलेंट किलर है तनाव, खुश रहना चाहते हैं तो लाइफ स्टाइल में करें ये 6 बदलाव
National Dengue Day: डेंगू से बचने के लिए लगाते हैं अगरबत्ती, तो हो जाइए सावधान! हो सकती है सांस संबंधी बीमारी
International Family Day: क्यों टूट रहे हैं संयुक्त परिवार? क्या प्राइवेसी की चाहत छीन रही है अपनों का साथ!
Women Health: गर्मियों में बढ़ जाता है पीरियड्स पेन, इन 10 उपायों से मिलेगी राहत
यह भी पढ़ें:- पपीता के पत्तों को बेकार समझकर फेंकने की न करें भूल, पेट की गंदगी और पुरानी कब्ज का जड़ से करेगा इलाज!
पेशाब रोकना भी है उतना ही घातक
किडनी की सेहत के लिए केवल पानी पीने का तरीका ही नहीं, बल्कि उत्सर्जन की आदतें भी महत्वपूर्ण हैं। लोग अक्सर काम की व्यस्तता के कारण पेशाब को लंबे समय तक रोककर रखते हैं। स्रोतों के अनुसार यह आदत मूत्र मार्ग में हानिकारक बैक्टीरिया के पनपने का कारण बनती है। यदि इसे समय रहते न सुधारा जाए तो यह संक्रमण का रूप ले सकता है और अंततः किडनी को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।
गर्मी में कैसे पिएं पानी
गर्मियों के मौसम में प्यास अधिक लगना स्वाभाविक है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पानी को हमेशा संतुलित और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीना चाहिए। शरीर को पानी की जरूरत लगातार होती है, न कि एक ही बार में भारी मात्रा में। घूंट-घूंट कर पानी पीने से शरीर उसे बेहतर तरीके से अवशोषित और उपयोग कर पाता है। पानी हमेशा आराम से बैठकर और घूंट में पीना चाहिए, जिससे अंगों पर दबाव न पड़े और शरीर पूरी तरह हाइड्रेटेड रहे।
