

Premature Hair Greying: आजकल कम उम्र में बालों का सफेद होना आम समस्या बन गया है। खासकर, यंग जनरेशन में ये समस्या खूब देखी जा रही है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैसे तो बालों का सफेद होना उम्र बढ़ने की एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन समय से पहले बालों का सफेद होना चिंता का विषय है।
बालों का सफेद होने की मुख्य वजह इन्व्हरमेंट, लाइफस्टाइल और पोषण से जुड़ी कई वजहें जिम्मेदार मानी जा रही हैं, जो बालों के नेचुरल रंग को बनाए रखने वाले पिगमेंट को जल्दी खत्म कर देती है। चलिए आपको बताते हैं कि आखिर कम उम्र में बाल सफेद क्यों हो रहे है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि, कुछ पहले तक बालों का सफेद होना बढ़ती उम्र की निशानी माना जाता था, लेकिन अब कम उम्र में ही यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। 20–30 की उम्र में बाल सफेद होना सिर्फ आनुवंशिक कारणों तक सीमित नहीं है, बल्कि खराब लाइफस्टाइल, तनाव, प्रदूषण और पोषण की कमी भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। समय रहते इन कारणों को समझकर सही कदम उठाना जरूरी है, ताकि इस समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
शहरी प्रदूषण आज बालों के समय से पहले सफेद होने की सबसे बड़ी वजह बन चुका है। हवा में मौजूद जहरीले तत्व और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाकर मेलेनिन के उत्पादन को कम कर देते हैं, जिससे बाल अपना प्राकृतिक रंग खोने लगते हैं। इसके साथ ही बढ़ता तनाव हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जो बालों को कमजोर बनाकर उन्हें जल्दी सफेद होने की ओर धकेलता है।
खराब खानपान और केमिकल से भरे हेयर प्रोडक्ट्स भी बालों के समय से पहले सफेद होने की बड़ी वजह हैं। पोषक तत्वों की कमी भी समय से पहले बाल सफेद होने की एक बड़ी लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली वजह है।
कॉपर मेलेनिन बनाने में अहम भूमिका निभाता है और इसकी कमी से बालों का रंग धीरे-धीरे उड़ने लगता है. इसी तरह विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, खासकर बी12 और बी5 की कमी से बालों की जड़ें कमजोर होती है।
बताया जाता है कि, आयरन, जिंक और फोलिक एसिड भी बालों की सेहत के लिए जरूरी है।पोषक तत्वों के लिए हरी सब्जियां नट्स, बीज, डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रोटीन से भरपूर आहार इन कमियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।