सावधान ! क्या आप भी करते है वायरलेस हेडफोन का इस्तेमाल, सुनने की क्षमता को हो सकता है खतरा
Side Effects of Wireless Headphone: हेडफोन का इस्तेमाल करना आपके लिए भले ही जरूरी है लेकिन आप इसके पीछे छिपे दुष्परिणाम को जानते है, वायरलेस हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल कानों को नुकसान पहुंचाता है।
- Written By: दीपिका पाल
वायलेस हेडफोन (सौ. सोशल मीडिया)
Wireless Headphone: म्यूजिक सुनना हो या फिर बातें करना, हर किसी के लिए हेडफोन बेहद जरूरी हो गया है। पहले लोग वायर वाले हेडफोन का इस्तेमाल करते थे लेकिन अब वायरलेस हेडफोन में ब्लूटूथ, इयरबड्स आ गए है। इन हेडफोन का इस्तेमाल करते आपको लोग घर या बाहर कही भी नजर आ जाएंगे। कई बार लोग खुद को खुश रखने के लिए हेडफोन को अपनी दुनिया मान लेते है तो कई लोगों को बाहर की आवाजें सुनाई न दें या दूसरे को परेशानी न हो इसलिए हेडफोन लगा लेते है।
हेडफोन का इस्तेमाल करना आपके लिए भले ही जरूरी है लेकिन आप इसके पीछे छिपे दुष्परिणाम को जानते है, वायरलेस हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल कानों को नुकसान पहुंचाता है जानिए स्टडी में।
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जानिए क्या कहती है स्टडी
यहां पर BMJ Global Health जर्नल में छपे एक रिसर्च के अनुसार वायरलेस हेडफोन आपकी कान की सेहत के लिए बेहतर नहीं होता है। रिसर्च के आंकड़े कहते है कि, करीब 1 मिलियन यानी 10 लाख टीनएजर्स और एडल्ट हेडफोन की वजह से सुनने की क्षमता खोने के खतरे में हैं। रिसर्च में यह भी कहा गया है कि, 12 साल से 34 साल की उम्र के 24 प्रतिशत लोग अनसेफ लेवल पर म्यूजिक सुनते हैं। इस तरह गाने सुनने से दुनियाभर में सभी उम्र के 43 करोड़ से ज्यादा लोग इस समय गंभीर सुनने की समस्या से जूझ रहे हैं। स्टडी में कहा गया है कि, अगर कोई 8 घंटे से ज्यादा 85 डेसिबल से ज्यादा की आवाज सुनता है, तो सुनने की क्षमता धीरे-धीरे खत्म हो सकती है। इसके अलावा तेज वॉल्यूम पर लगातार सुनने से Noise-Induced Hearing Loss (NIHL) का खतरा काफी बढ़ जाता है।
कानों को हो सकती है ये समस्याएं
हेडफोन का इस्तेमाल करने से आपके सुनने की क्षमता पर तो असर पड़ता ही है साथ ही कानों की और भी समस्याएं बढ़ जाती है। इसमें Ear Canal में पसीना और बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। स्टडी के अनुसार यह भी कहा गया है कि, इससे निकलने वाला रेडिएशन बहुत ही कम होता है और वह उतना खतरनाक नहीं होता। कैंसर जैसी बीमारी का खतरा कम ही होता है। अगर आप लगातार ही कानों में हेडफोन का इस्तेमाल सीटी या घंटी जैसी आवाज़ (टिनिटस) की दिक्कत हो सकती है।
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60/60 रूल कानों के लिए है सही
अगर आप लगातार कानों में हेडफोन का इस्तेमाल कर रहे है तो आपको तुरंत ही इस आदत को बदल लेना चाहिए। इसके लिए आप 60/60 रूल अपना सकते है। इस रूल के मुताबिक, आपको 60 प्रतिशत से ज्यादा वॉल्यूम नहीं सुनना है और न ही 60 मिनट से ज्यादा सुनना है। इसके अलावा आप नॉइज कैंसिलिंग हेडफोन का यूज करें, ताकि आपको वॉल्यूम तेज करने की जरूरत ही न पड़े। लगातार गाने सुनने के लिए हेडफोन लेने की बजाय ब्रेक लेते हुए काम करें।
