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क्या करते है ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल, बढ़ रहा स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा, जानिए कैसे बचें

Spondylitis Risk Factors: ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल से स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा बढ़ सकता है। लंबी स्क्रीन टाइमिंग से गर्दन-कमर दर्द क्यों होता है और इससे बचाव के आसान उपाय जानें।

  • Written By: दीपिका पाल
Updated On: Dec 30, 2025 | 07:34 AM

स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल (सौ.सोशल मीडिया)

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Long Screen Time Effects: आजकल इस डिजिटल दुनिया में खाने के बाद सबसे जरूरी चीज मोबाइल फोन बन गया है। इसके बिना शायद किसी का दिन बीतता है। यहां पर लोग रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद ज्यादातर लोग मोबाइल के साथ समय बिताते हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जोड़ने का साधन मोबाइल फोन है जो लोगों को भले आपस में जोड़े रखता है बल्कि इसका आदी भी बना रहा है।

भले ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल हम अपने मजे के लिए कर लेते है लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल आपकी सेहत पर बुरा असर डालता है।लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने से न केवल हमारी आंखें थकती हैं, बल्कि शरीर के कई हिस्सों में गंभीर समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

बढ़ती है स्पॉन्डिलाइटिस और रीढ़ की हड्डी की समस्या

अगर आप लंबे समय तक लगातार मोबाइल देखते है तो इस प्रकार स्पॉन्डिलाइटिस और रीढ़ की हड्डी की समस्या को बढ़ा सकता है। विज्ञान के अनुसार कहते है कि, मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से कमर दर्द, गर्दन और कंधों में तनाव, स्पॉन्डिलाइटिस और रीढ़ की हड्डी की समस्याएं बढ़ रही हैं। जी हां यह बीमारी आपके ज्यादा मोबाइल देखने की आदत को बढ़ा देते है।लोग लंबे समय तक मोबाइल पर गेम खेलते हैं, वीडियो देखते हैं या सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। इस दौरान वे अपनी पीठ और कमर को सही मुद्रा में नहीं रखते, जिससे मांसपेशियों और हड्डियों पर लगातार दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे यह स्थिति कमर और गर्दन के गंभीर दर्द में बदल सकती है।

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गर्दन ही नहीं आंखों को भी नुकसान

अगर आप ज्यादा समय के लिए मोबाइल देखने की आदत रखते है तो यह आपकी आंखों के लिए भी सही नहीं होता है। दरअसल आपके ज्यादा मोबाइल देखने से स्क्रीन की नीली रोशनी आंखों की रेटिना और रोशनी पर असर डाल सकती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सूखापन, धुंधला दिखना और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लगातार नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया की तुलना और ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में भाग लेने की आदत तनाव, चिंता और नींद की कमी का कारण बन सकती है। नींद की कमी से शरीर की ऊर्जा और मांसपेशियों की रिकवरी प्रभावित होती है, जिससे मानसिक रूप से भी थकान महसूस होती है।

ये भी पढ़ें- सावधान! मानसिक बीमारियों के लिए AI का सहारा लेना कितना सही? नई रिसर्च ने चौंकाया

बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें

यहां पर गंभीर बीमारियों के खतरे से बचने के लिए आपको विशेषज्ञों की सलाह के बारे में जानना चाहिए। आप इन समस्या से बचने के लिए मोबाइल का उपयोग सीमित समय के लिए करें और स्क्रीन को आंखों की ऊंचाई पर रखें। लंबे समय तक फोन का इस्तेमाल करते समय बीच-बीच में ब्रेक लें और स्ट्रेचिंग करें। सही मुद्रा में बैठना बहुत जरूरी है, पीठ सीधी और कंधे आराम से रखने चाहिए। इसके अलावा, नीली रोशनी को कम करने वाले ऐप्स या स्क्रीन फिल्टर्स का इस्तेमाल करना आंखों को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

आईएएनएस के अनुसार

 

Excessive mobile use may increase the risk of spondylitis

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Published On: Dec 30, 2025 | 07:34 AM

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