Health Tips: 8-9 घंटे कुर्सी पर बैठकर करते हैं काम? हेल्दी रहने के लिए अपनाएं ये 5 जरूरी बदलाव
Sitting Job Health Tips: ऑफिस में लंबे समय तक बैठने से पाचन तंत्र मंद हो जाता है जिससे गैस और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं होती हैं। आयुर्वेद के अनुसार अपनी जीवनशैली में बदलाव कर आप स्वस्थ रह सकते हैं।
- Written By: प्रीति शर्मा
ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करता व्यक्ति (सौ. एआई)
Office Health Tips: आज के दौर में ज्यादातर लोग ऑफिस या वर्क फ्रॉम होम करते हैं जिसमें घंटों कुर्सी पर बैठे रहना पड़ता है। लगातार 8-9 घंटे एक ही जगह बैठने की यह आदत सेहत के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। शारीरिक गतिविधि की कमी और लंबे समय तक गतिहीन रहने से न केवल पीठ और गर्दन में दर्द होता है बल्कि इसका सबसे बुरा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है।
पाचन तंत्र पर प्रभाव
घंटों बैठे की वजह से ऑफिस में काम करने वाले लोगों का पाचन अन्य लोगों की तुलना में अधिक खराब रहता है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि लोग भोजन के तुरंत बाद अपनी डेस्क पर लौट आते हैं या डेस्क पर बैठकर ही खाना खाते हैं।
शारीरिक हलचल न होने के कारण पाचन की शक्ति मंद हो जाती है। जब पाचन धीमा पड़ता है तो भोजन पचने के बजाय पेट में सड़ने लगता है जो गैस, ब्लोटिंग, वजन बढ़ने और भूख में कमी जैसी समस्याओं का कारण बनता है। यदि यह जीवनशैली लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर कई अन्य गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकता है।
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भोजन करने का सही तरीका
सिर्फ पौष्टिक भोजन करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उसे ग्रहण करने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भोजन को हमेशा शांत मन और प्रसन्नता के साथ करना चाहिए। जब हम खुश होकर खाना खाते हैं तो वह न केवल शारीरिक शक्ति बढ़ाता है बल्कि मानसिक विकारों को भी कम करता है।
भोजन के दौरान किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें और हर निवाले को धीरे-धीरे अच्छी तरह चबाकर खाएं। स्वाद का आनंद लेकर आराम से किया गया भोजन आसानी से पचता है।
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डिजिटल डिटॉक्स का महत्व
आजकल भोजन के समय मोबाइल का उपयोग एक आम आदत बन गई है लेकिन आयुर्वेद इसे गलत मानता है। खाते समय स्क्रीन से दूरी बनाए रखना जरूरी है ताकि आपका पूरा ध्यान भोजन पर रहे। इसके अलावा भोजन के तुरंत बाद कुर्सी पर बैठना सबसे अधिक हानिकारक है। दोपहर के भोजन के बाद कम से कम 10 मिनट के लिए टहलना अनिवार्य है। पूरे दिन के दौरान भी लगातार बैठने के बजाय हर 1-2 घंटे के अंतराल पर कुछ मिनट पैदल चलना चाहिए।
क्या करें
अगर एक स्वस्थ्य लाइफस्टाइल चाहते हैं तो डाइट में बदलाव जरूरी है। दोपहर के भोजन में भारी और तला-भुना खाने के बजाय हल्का और पौष्टिक भोजन शामिल करें क्योंकि इसे पचाना शरीर के लिए आसान होता है। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें। विशेष रूप से गर्मियों के मौसम में शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता होती है इसलिए दिन भर भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें। इन छोटी-छोटी आयुर्वेदिक आदतों को अपनाकर आप डेस्क जॉब के साथ भी एक एनर्जेटिक और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
