आयुर्वेद की अनमोल औषधि है शंखपुष्पी, रोजाना सेवन करने से बढ़ती है याददाश्त और नींद
Shankhpushpi For Insomnia: शंखपुष्पी का फूल आयुर्वेद की अनमोल औषधि है। यह अनिद्रा दूर कर दिमाग को शांति, याददाश्त और मानसिक ताकत देने में मदद करता है।
- Written By: दीपिका पाल
शंखपुष्पी का फूल (सौ.डिजाइन फोटो)
Benefits of Shankhpushpi Flower: आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज छिपा है। इसमें शारीरिक हो या मानसिक समस्याएं, आयुर्वेद सदियों से प्राकृतिक उपचारों के जरिए राहत का मार्ग दिखाता आया है। आयुर्वेद की फूल, फल और जड़ी-बूटियां भी औषधि के रूप में कार्य करती है। ऐसी ही एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है शंखपुष्पी। अगर हम इसका नियमित और सही तरीके से सेवन करते है तो न केवल तनाव कम करता है, बल्कि अपच, अनिद्रा और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है।
जानिए आयुर्वेद में शंखपुष्पी का स्थान
आपको बताते चलें कि, आयुर्वेद में शंखपुष्पी का अलग ही स्थान है जहां पर यह नीले-बैंगनी या सफेद फूलों वाला छोटा पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है। प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में इसका उल्लेख एक प्रभावी औषधि के रूप में मिलता है। चरक संहिता में इसे ब्रह्म रसायन कहा गया है, यानी ऐसी औषधि जो मस्तिष्क को पोषण देती है और स्मरण शक्ति बढ़ाती है।
जानिए शंखपुष्पी का सेवन करने के तरीके
अगर हम शंखपुष्पी का सेवन नियमित रूप से करते है तो इसके कई सारे फायदे शरीर को मिलते है।
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1- यहां पर शंखपुष्पी मुख्य रूप से मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद मानी जाती है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और नींद न आना आम समस्या बन चुकी है। यहां पर शंखपुष्पी की बात की जाए तो, यह नसों को शांत करती है और दिमाग को ठंडक पहुंचाती है। इसके नियमित सेवन से अनिद्रा की समस्या में राहत मिलती है, एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत रहता है। आयुर्वेद के अनुसार यह मिर्गी और अत्यधिक मानसिक बेचैनी जैसी स्थितियों में भी सहायक मानी जाती है।
2- अगर हम शंखपुष्पी का सेवन करते है तो इससे पाचन तंत्र को भी फायदा मिलता है। इसके अलावा अगर अपच या कब्ज जैसी समस्याओं के लिए यह फायदेमंद होता है। इसकी जड़ शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है। यह त्वचा रोगों, कृमि (आंतों के कीड़े) और विष के प्रभाव को कम करने में भी उपयोगी बताई जाती है। साथ ही, यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर खांसी और सांस से जुड़ी परेशानियों में भी लाभ पहुंचाती है।
3- इसके अलावा आयुर्वेद में शंखपुष्पी के फायदे के बारे में कहा गया है, बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी शंखपुष्पी को उपयोगी माना गया है। इसके चूर्ण का सीमित मात्रा में सेवन स्मरण शक्ति और शारीरिक विकास में मदद करता है। इसके अलावा, शंखपुष्पी बालों को मजबूत, घना और चमकदार बनाने में भी सहायक मानी जाती है।
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जानिए शंखपुष्पी सेवन करने का तरीका
यहां पर शंखपुष्पी सेवन करने से फायदे मिलते है वहीं पर इसे चूर्ण, सिरप या काढ़े के रूप में किया जा सकता है। रात में गुनगुने दूध के साथ शंखपुष्पी चूर्ण लेने से नींद बेहतर होती है। तनाव या पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए इसे सुबह खाली पेट लेना लाभकारी माना जाता है। हालांकि, सही मात्रा और उपयोग के लिए आयुर्वेदाचार्य की सलाह लेना जरूरी है।आज के दौर में जब लोग प्राकृतिक और साइड-इफेक्ट-फ्री उपायों की ओर लौट रहे हैं, शंखपुष्पी जैसे आयुर्वेदिक फूल फिर से प्रासंगिक हो गए हैं। यह छोटा सा फूल सदियों से दिमाग और शरीर को बड़ा लाभ देता आया है।
आईएएनएस के अनुसार
