सर्दी में तेजी से बढ़ रहा ब्लड प्रेशर, सिकुड़ती नसें दे रही खतरे का संकेत, लक्षणों को ऐसे पहचानें
Blood Pressure In Winter: सर्दियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने की ज्यादा संभावनाएं होती है। जानें हाई बीपी के लक्षण, साथ ही सर्दियों में जोखिम और विशेषज्ञों के सुझाए स्वास्थ्य टिप्स।
- Written By: प्रिया जैस
ब्लड प्रेशर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Health In Winter: सर्दियों की ठिठुरन शुरु होते ही जिले में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है। तापमान गिरते ही शरीर की रक्त वाहिनियां सिकुड़ने लगती है। जिससे रक्तदाब अचानक बढ़ जाता है। डाक्टरों का कहना है कि यही वजह है कि ठंड के दिनों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सीने में दर्द, सांस फूलना और खांसी-जुकाम जैसी दिक्कतें तेजी से बढ़ती है।
तापमान में अचानक गिरावट शरीर पर सीधा असर डालती है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जिसके कारण चक्कर, सिरदर्द, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं गंभीर रुप ले लेती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में हर छोटा बदलाव हाई बीपी वाले मरीजों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। चिकित्सकों का मानना है कि ठंडी हवा शरीर की गर्मी को तेजी से कम करती है।
इससे शरीर तुरंत डिफेंस मोड पर आकर नसों को सिकोड़ देता है। जिससे ब्लड प्रेशर ऊपर चढ़ जाता है। ठंड के साथ बढ़ती नमी दिल और फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालती है। जिसके कारण सांस लेने में कठिनाई, खांसी और सर्दी-जुकाम की समस्याएं आम हो जाती है। जिन लोगों को पहले से हाई बीपी की समस्या है।
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डॉक्टर की सलाह
उनके लिए यह मौसम किसी इम्तिहान से कम नही है। अचानक बढ़ा हुआ रक्तददाब स्ट्रोक, दिल का दौरा, सीने में दर्द और सांस फूलने की स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए डाक्टर नियमित दवा सेवन, हेल्थ मॉनिटरिंग और दिनचर्चा में सावधानी बरतने की सख्त सलाह दे रहे है।
विशेषज्ञ बताते है कि गरम पानी से स्नान, ऊनी कपड़े, गरम पेय और हल्की धूप शरीर के तापमान को संतुलित रखकर रक्तदाब नियंत्रित करने में मदद करते है। वहीं योग-प्राणायाम और गहरी श्वास तनाव को कम करके दिल को मजबूत बनाते है। सर्दियों की ठिठुरन भले ही थर्मामीटर को नीचे ले जाए, लेकिन थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रख सकती है।
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शीतऋतु में शरीर को गर्म रखने का प्रयास करें
ठंड में शरीर को हमेशा गर्म रखे, सिर, कान, गर्दन, हाथ-पैर ढक कर बाहर निकले। रोज हल्का व्यायाम करें और थोड़ी धूप जरूर लें, तनाव से दूर रहे, पर्याप्त नींद लें, गरम सूप, हर्बल चाय, स्टीम और हल्का वॉक फायदेमंद है। ठंड में पानी कम न करें, हाईड्रेशन बेहद जरुरी है। नियमित रुप से बीपी जांचते रहे और दवाएं समय पर लें।
- डा. जयश्री देवगडे, वैद्यकीय विशेषज्ञ, गड़चिरोली
