प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated)
Akola Municipal Corporation: महानगरपालिका में सत्ता को लेकर राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 30 जनवरी को महापौर और उपमहापौर पदों के लिए सभा आयोजित की जाएगी। भाजपा ने सत्ता के लिए 44 पार्षदों के हस्ताक्षर का पत्र शहर सुधार आघाड़ी के नाम से प्रस्तुत किया है। हालांकि महापौर पद के लिए भाजपा ने अभी तक अपना उम्मीदवार अधिकृत रूप से घोषित नहीं किया है, जिसके चलते ओबीसी महिला प्रवर्ग से चुनी गई 13 महिला पार्षदों के बीच जोरदार रस्साकशी चल रही है। विपक्षी आघाड़ी ने भी हार नहीं मानी है और सत्ता स्थापना के लिए उनकी बैठकों का दौर जारी है।
मनपा में बहुमत का समीकरण अकोला मनपा चुनाव में इस बार किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 80 सदस्यीय मनपा में बहुमत के लिए 41 सदस्य आवश्यक हैं। भाजपा को केवल 38 सीटें मिलीं, जिससे बहुमत के लिए उन्हें 3 अतिरिक्त सदस्यों की जरूरत थी। स्थायी समिति को ध्यान में रखते हुए 45 सदस्य संख्या आवश्यक है। इसी कारण भाजपा ने जोड़-तोड़ कर शहर सुधार आघाड़ी का गठन किया और 44 पार्षदों का समूह बनाया। इसमें दोनों राष्ट्रवादी गुट, शिंदेसेना और महानगर विकास समिति का समावेश है। हालांकि सुधार समिति के 6 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन उनकी पहचान परेड अभी बाकी है। यही वजह है कि विपक्षी दलों को अब भी उम्मीद बनी हुई है।
महापौर पद के लिए शारदा खेडकर का नाम सबसे आगे है। रश्मि अवचार, माधुरी क्षीरसागर, योगिता पावसाले, वैशाली शेलके, मंजुषा शेलके, पल्लवी मोरे, शिल्पा वरोकार, निकिता देशमुख, सोनाली अंधारे, नीतू जगताप, प्राची काकड और एड। कल्पना गोटफोडे भी महापौर पद की दौड़ में शामिल हैं।
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भाजपा द्वारा सता स्थापना का दावा किए जाने के बावजूद विपक्षी दल भी सक्रिय है। अकोला शासकीय विश्रामगृह में रविवार को विपक्षी नेताओं की बैठकें लगातार जारी रहीं। इस बैठक में विधायक साजिद खान पठान, विधायक नितिन देशमुख, उबाठा जिला प्रमुख मंगेश काले, गोपाल दातकर सहित कई नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अकोला महानगरपालिका के महापौर तथा उप महापौर पद का चुनाव शुक्रवार को सुबह 11 बजे विशेष आम सभा में होगा। इस बीच महापौर पद के लिए 6 सदस्यों ने 20 नाम निर्देशन पत्र लिए हैं।