स्विमिंग पूल में महिला (सौ. एआई)
Swimming in Summer: गर्मियों में जैसे ही तापमान बढ़ने लगता है लू और डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में वॉटर एक्सरसाइज और स्विमिंग सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। यह सिर्फ शरीर के तापमान को नियंत्रित नहीं करता है बल्कि मानसिक रुप से भी सुकून देता है। साथ ही लंबी उम्र के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
भीषण गर्मी के इस मौसम में जब जिम या पार्क में पसीना बहाना मुश्किल हो जाता है तब स्विमिंग पूल एक हेल्थ हब के रूप में उभरता है। स्विमिंग सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक लो-इम्पैक्ट वर्कआउट है जो शरीर के हर हिस्से पर काम करता है।
स्विमिंग का सबसे बड़ा फायदा पानी का उत्प्लावन बल है। जब आप पानी में होते हैं तो यह बल आपके शरीर का वजन महसूस नहीं होने देता। इससे घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी के जोड़ों पर दबाव शून्य हो जाता है। यही कारण है कि गठिया और हड्डियों की कमजोरी से जूझ रहे बुजुर्गों के लिए यह सबसे सुरक्षित व्यायाम है।
स्विमिंग एक बेहतरीन एरोबिक एक्सरसाइज है। यह हृदय की कार्यक्षमता को बढ़ाती है और रक्त संचार में सुधार करती है। नियमित स्विमिंग से शरीर की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है जिससे डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी क्रोनिक बीमारियों को मैनेज करना आसान हो जाता है। गर्मी में यह शरीर के आंतरिक तापमान को स्थिर रखकर डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से भी बचाती है।
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विज्ञान कहता है कि पानी के करीब रहने या ब्लू स्पेस (नदी, झील या पूल) में समय बिताने से मस्तिष्क में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर गिरता है। स्विमिंग के दौरान शरीर में एंडोर्फिन और डोपामाइन जैसे फील-गुड हार्मोन रिलीज होते हैं। यह अवसाद, चिंता और अकेलेपन से लड़ने में मदद करते हैं। विशेषकर बुजुर्गों के लिए ग्रुप स्विमिंग सामाजिक जुड़ाव का एक माध्यम बनती है जो मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती देती है।
स्विमिंग मांसपेशियों की ताकत, लचीलापन और मानसिक शांति का एक संपूर्ण पैकेज है। यदि आप भी इस गर्मी में खुद को फिट और कूल रखना चाहते हैं तो स्विमिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यह न केवल आपको बीमारियों से बचाएगा बल्कि आपको भीतर से खुश और ऊर्जावान भी रखेगा।