अस्थमा से लेकर नींद की समस्या पर कारगर है ये अनुलोम-विलोम प्राणायाम, करें रोजाना

योग को सेहत के लिए ऐसा रामबाण उपाय बताया गया है कि वह दवाईयों के साइड इफेक्ट्स से आपको बचाता है।अनुलोम -विलोम प्राणायाम शरीर को स्फूर्ति देने का काम करता है वहीं पर कई गंभीरियों से बचाता है।
अनुलोम विलोम रोजाना करने के फायदे
अनुलोम विलोम (सौ.सोशल मीडिया)
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भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई इतना व्यस्त है कि खानपान के साथ ही अपनी सेहत का अच्छी तरह से ख्याल रख नहीं पाता है। स्वास्थ्य हमारा अच्छा रहेगा तो कई गंभीर बीमारियां शायद ही हमें छूं पाएंगी। बीते दिनों 21 जून को देशभर में विश्व योग दिवस मनाया गया गया है जहां पर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया गया है। योग, दवाईयों के अलावा कई गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। यानि योग को सेहत के लिए ऐसा रामबाण उपाय बताया गया है कि वह दवाईयों के साइड इफेक्ट्स से आपको बचाता है।

योग में आसन और प्राणायाम को स्थान दिया गया है। आज हम बात कर रहे हैं अनुलोम -विलोम प्राणायाम की। यह शरीर को स्फूर्ति देने का काम करता है वहीं पर कई गंभीर बीमारियों से बचाता है।

जानिए किन बीमारियों से बचाता हैं अनुलोम-विलोम

आपको बताते चलें कि, योग में शामिल अनुलोम-विलोम प्राणायाम को अगर आप नियमित तौर पर करते है तो कई प्रकार की गंभीर बीमारियां आपको घेरती नहीं है, चलिए जानते हैं इसके बारे में...

अस्थमा

सर्दियों के मौसम में सांस से जुड़ी बीमारियां अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां बढ़ने लगती है। यह इन गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने का काम करती है। यहां पर आप लगातार अनुलोम-विलोम का प्राणायाम करते हैं तो फायदा मिलता है। लगातार अभ्यास से इनहेलेर की जरूरत भी कम हो सकती है।

हाई ब्लड प्रेशर:

रोजाना अनुलोम -विलोम प्राणायाम करने से तनाव और गुस्सा कम होता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियां भी दूर रहती हैं। इस प्राणायाम को नियमित करने के फायदे मिलते है।

डायबिटीज:

अनुलोम विलोम के नियमित अभ्यास से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है और इंसुलिन की कार्यक्षमता बेहतर होती है। इसके अलावा बीमारी का खतरा भी कई प्रतिशत टल जाता है।

माइग्रेन और सिरदर्द:

अगर आप माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या से जूझ रहे है तो इस अनुलोम विलोम प्राणायाम को जरूर करें। यहां पर प्राणायाम से ब्रेन को ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई मिलती है, जिससे माइग्रेन, टेंशन और सिरदर्द में राहत मिलती है।

तनाव और चिंता:

अनुलोम विलोम के नियमित अभ्यास से ये कोर्टिसोल को कम करता है और व्यक्ति को अंदर से स्थिरता देता है, डिप्रेशन के लक्षण भी कम हो सकते हैं।

नींद की समस्या:

अगर आपको नींद नहीं आती या बार-बार नींद टूटती है, तो अनुलोम-विलोम आपकी मदद कर सकता है, यह आपकी नींद की क्षमता को बढ़ाता है।

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