Mahashivratri: उपवास के खाद्य पदार्थों का सेवन करते समय बरते सावधानी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन की अपील
भगर, शिंगदा आटा, राजगिरा आटा में फंगल कीटाणुओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दुकानों से इन वस्तुओं को खरीदते समय जांच करने की अपील की है।
- Written By: आंचल लोखंडे
खाद्य एवं औषधि प्रशासन। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: महाशिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त विभिन्न व्रत और उपवास रखते हैं। लोग यह सुनिश्चित किए बिना ही जो भी सामग्री उपलब्ध होती है खा लेते हैं कि व्रत के अवसर पर खाया जाने वाला भोजन स्वास्थ्य के लिए ठीक है या नहीं। भगर में फफूंद की मात्रा अधिक होने के कारण इसमें विषैले पदार्थ उत्पन्न हो जाते हैं।
32 डिग्री तक का तापमान और आर्द्रता कवक के विकास के लिए अनुकूल है, ऐसे भगर को खाने से विषाक्तता की संभावना अधिक होती है। चूंकि भगर, शिंगदा आटा, राजगिरा आटा में फंगल कीटाणुओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दुकानों से इन वस्तुओं को खरीदते समय जांच करने की अपील की है।
ऐसे रखें ख्याल
बाजार से भगर, सिंगाड़े का आटा, राजगिरा का आटा आदि लाने के बाद उसे अच्छी तरह से साफ करना चाहिए। विशेष जेब वाले खाद्य पदार्थ अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। सीलबंद बैग में खाना खरीदते समय बिना लेबल वाला या किसी भी तरफ से फटा हुआ बैग न लें। इसके साथ ही खुली भगर, सिंगड़ा आटा और राजगिरा आटा के सेवन से भी बचना चाहिए। ग्राहक को पैकेट पर दी गई तारीख और उस पर छपी समाप्ति तिथि की जांच करनी चाहिए।
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सूखी जगह पर भंडारण करें
भगर का भंडारण करते समय, इसे एक साफ, सूखी जगह पर संग्रहित किया जाना चाहिए, अधिमानतः एक कसकर बंद कंटेनर में। बहुत दिनों से रखा हुआ भगर न खाएं। भागर का आटा न खरीदें। गौरतलब है कि भागर के आटे में वातावरण से नमी सोखने की क्षमता अधिक होती है, इसलिए यह आटा फंगल संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होता है।
विक्रेताओं के लिए निर्देश
विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा और सम्मान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार लेबल विवरण के साथ केवल भगर, शिंगदा आटा, राजगिरा आटा के पैकेट बेचने चाहिए। क्रय करते समय थोक विक्रेता से रसीद प्राप्त कर लेनी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इन उत्पादों के पैकेज पर निर्माता का पता, लाइसेंस नंबर, पैकिंग तिथि, बैग पर समाप्ति तिथि अंकित हो। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया है कि एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थ नहीं बेचे जाने चाहिए।
