अस्पताल के बाहर खड़े वाहन (सोर्स: सोशल मीडिया)
NMC Fine On Hospitals: नागपुर के धंतोली और रामदासपेठ इलाके में अस्पतालों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि इन क्षेत्रों में अस्पताल की जमीन का औसत मासिक किराया 30 रुपये प्रति वर्गसेंटीमीटर तय किया गया है। इस जानकारी के आधार पर नागपुर महानगरपालिका (NMC) अब अतिक्रमणकारी अस्पतालों को नोटिस जारी कर पूछेगी कि उनसे इस दर का 4 गुना जुर्माना क्यों न वसूला जाए।
न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की खंडपीठ ने धंतोली नागरिक मंडल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों द्वारा किए गए अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या का समाधान निकालने के लिए व्यावसायिक दर से 4 गुना दंड वसूलना आवश्यक है। इस जुर्माने से प्राप्त राशि का उपयोग धंतोली के नागरिकों की सुविधाओं के लिए, जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए, शहर की यातायात व्यवस्था और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को इस क्षेत्र की दरों का विवरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत इन अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।
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धंतोली में ट्रैफिक और पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए कोर्ट ने असंतोष व्यक्त किया कि पिछले आदेशों का ठीक से पालन नहीं हो रहा है। इस पर स्थायी समाधान निकालने के लिए हाई कोर्ट ने यातायात पुलिस, मनपा और याचिकाकर्ता (धंतोली नागरिक मंडल) को एक साथ मिलकर बैठक करने का आदेश दिया है। इस सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से आशुतोष धर्माधिकारी और अश्विन देशपांडे, मनपा की ओर से जैमिनी कासट और राज्य सरकार की ओर से दीपक ठाकरे ने पक्ष रखा।