सर्दियों में कई समस्याओं की छुट्टी कर देता है ये आसन, जानिए स्टेप बाय स्टेप रोजाना करने का तरीका
Ashwa Sanchalanasana: रोजाना अश्वसंचालनासन के अभ्यास से इन समस्याओं से काफी राहत मिलती है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा भी इस आसन को सर्दियों में विशेष रूप से उपयोगी बताता है।
- Written By: दीपिका पाल
अश्व संचालन आसन (सौ.डिजाइन फोटो)
Ashwa Sanchalanasana: सर्दियों का मौसम चल रहा है इस मौसम में ठंड के तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। इस मौसम में बदलाव होने के साथ शरीर पर भी इसका असर पड़ता है। सर्दियों में योग ही एक ऐसा तरीका है जो शारीरिक और मानसिक समस्याओं को चुटकियों में हल कर देता है। आज हम बात कर रहे है बड़े योगासन में से एक अश्वसंचालनासन। इसे सर्दियों में करने से जोड़ों में दर्द, पीठ में जकड़न और शरीर में ठंड लगने की शिकायत आम हो जाती है। ऐसे में रोजाना अश्वसंचालनासन के अभ्यास से इन समस्याओं से काफी राहत मिलती है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा भी इस आसन को सर्दियों में विशेष रूप से उपयोगी बताता है।
शरीर घोड़े की तरह करता है मूवमेंट
इस अश्व संचालन आसन में व्यक्ति का शरीर घोड़े की तरह आगे-पीछे खिंचता है, इसलिए इसे अश्व (घोड़ा) संचालनासन कहते हैं। इस आसन को लेकर योगा एक्सपर्ट सलाह देते है कि, इस आसन का अभ्यास सुबह खाली पेट करना चाहिए। यह आसन करने से सर्दी के मौसम में शरीर गर्म रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
जानिए अश्व संचालन करने का आसान तरीका
अगर आप इस आसन को रोजाना कर रहे है तो इसका आसान तरीका है, जो इस प्रकार है…
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- सबसे पहले वज्रासन मुद्रा में बैठ जाएं।
- दाहिना पैर आगे की ओर बढ़ाएं और घुटने को 90 डिग्री पर मोड़ें।
- इस दौरान दोनों हाथ कमर पर रखें या नमस्ते की मुद्रा में सीने के पास लाएं।
- पीठ एकदम सीधी रखें, नजर सामने की ओर और गहरी सांस लें, छोड़ें।
- इस मुद्रा में 1 से 2 मिनट तक रहना चाहिए।
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रीढ़ की हड्डी होती है लचीली
सर्दियों में इस आसन को करने से शरीर को ज्यादा फायदा मिलता है। इस आसन को करने से पीठ के निचले हिस्से और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत मिलती है। घुटनों, टखनों और अकिलिस टेंडन (एड़ी की नस) में लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है। ठंड से जकड़े हुए जोड़ खुलते हैं और दर्द में राहत मिलती है। शरीर का संतुलन बेहतर होता है। इसके अलावा इस आसन को करने से शरीर में रीढ़ की हड्डी और कमर दर्द से राहत मिलती है।शरीर का स्वाधिष्ठान चक्र सक्रिय होता है, जिससे शरीर में गर्मी और ऊर्जा बढ़ती है। तनाव भी कम होता है।
आईएनएस के अनुसार
