आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार खुदकुशी मामले में बड़ा एक्शन, पद से हटाए गए रोहतक के एसपी
Haryana Government ने दलित आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को उनके पद से हटा दिया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार और उनकी पत्नी, फोटो- सोशल मीडिया
Haryana IPS Suicide Case: एसपी नरेंद्र बिजारणिया की जगह अब सुरेंद्र सिंह भौरिया को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
आईपीएस वाई पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार ने अपने पति की मौत के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
पत्नी अमनीत पी. कुमार ने लगाए गंभीर आरोप
अमनीत का कहना है कि उनके पति पूरी ईमानदारी से काम करते थे, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार जातिगत भेदभाव और दबाव झेल रहे थे। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे पति को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। यह सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे मानसिक शोषण का परिणाम है।”
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सुसाइड नोट में कई अधिकारियों के नाम
जानकारी के मुताबिक, वाई पूरन कुमार द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में 15 सेवारत और सेवानिवृत्त आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के नाम दर्ज हैं। इनमें डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारणिया के नाम भी शामिल हैं। गुरुवार को पुलिस ने इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली थी। एफआईआर में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं।
परिवार और समाज में गुस्सा
इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। दलित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे सिस्टम में मौजूद जातिगत भेदभाव की जड़ें उजागर करने वाला मामला बताया है। लोगों का कहना है कि वाई पूरन कुमार जैसे ईमानदार अधिकारी की मौत से राज्य पुलिस की छवि को गहरा झटका लगा है। परिवार की मांग है कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाए और जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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आपको बता दें कि हरियाणा के वरिष्ठ दलित आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या कर ली, जिसे लेकर अब लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
