कुलदीप सिंह सेंगर की जेल से रिहाई पर स्वागत की वायरल तस्वीर निकली फर्जी, AI से बनाई गई इमेज

Kuldeep Singh Sengar : कुलदीप सिंह सेंगर की जेल से रिहाई पर स्वागत की वायरल तस्वीर फैक्ट चेक में फर्जी पाई गई, जो AI की मदद से बनाई गई थी।
The viral image claiming to show Kuldeep Singh Sengar being welcomed outside jail was found to be AI-generated and fake.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो AI जनरेटेड है।
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Kuldeep Sengar Viral Photo : दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को उन्नाव रेप केस के दोषी और भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करते हुए उसे जमानत दे दी। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल होने लगी, जिसमें कुछ लोग तिहाड़ जेल के बाहर फूल-माला लेकर सेंगर का स्वागत करते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को असली मानकर कई यूजर्स ने नाराजगी जाहिर की और इसे न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला बताया।

पंखुरी पाठक नाम की एक यूजर ने फोटो शेयर कर लिखा- जो लोग बलात्कारियों और हत्यारों का इस प्रकार स्वागत करते हैं उन्हें चिन्हित कर उनका सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। यह लोग भी उस बलात्कारी से कम बड़े अपराधी नहीं हैं।

वायरल फोटो AI जनरेटेड निकली

वायरल तस्वीर की जांच की, जिसमें कई तकनीकी और विजुअल खामियां सामने आईं। तस्वीर में मौजूद तख्तियों और सूचना बोर्ड पर लिखे शब्द साफ नहीं हैं और उनमें कई मात्रा संबंधी गलतियां दिखाई देती हैं, जो आमतौर पर असली सरकारी या सार्वजनिक स्थानों की तस्वीरों में नहीं होतीं।

फैक्ट चेक टूल में ये तस्वीर 99% AI जनरेटेड साबित हुई।
फैक्ट चेक टूल में ये तस्वीर 99% AI जनरेटेड साबित हुई।

इसके अलावा, तस्वीर पर Google के AI चैटबॉट Gemini का लोगो भी नजर आता है, जिससे संकेत मिलता है कि यह इमेज AI टूल की मदद से जनरेट की गई है। पुष्टि के लिए तस्वीर को Hivemoderation और Undetectable.ai जैसे AI डिटेक्शन टूल्स पर जांचा गया। Hivemoderation ने इसके AI जनरेटेड होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई, जबकि Undetectable.ai ने इसके असली होने की संभावना केवल 1 प्रतिशत बताई।

कुलदीप सिंह सेंगर फिलहाल तिहाड़ जेल में ही बंद

जांच में यह भी सामने आया कि कुलदीप सिंह सेंगर फिलहाल तिहाड़ जेल में ही बंद है। उन्नाव रेप केस के अलावा, पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत से जुड़े एक अन्य मामले में भी सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में उसने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है, जो अभी लंबित है।

वहीं, उन्नाव रेप केस में सजा निलंबित किए जाने के फैसले का पीड़िता और उसका परिवार लगातार विरोध कर रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह तस्वीर लोगों को गुमराह करने वाली साबित हुई, जो एक बार फिर यह याद दिलाती है कि वायरल कंटेंट को बिना जांचे साझा करना कितना खतरनाक हो सकता है।

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