एआर रहमान (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Veera Raja Veera Song Controversy: भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के वरिष्ठ गायक उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर और मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान के बीच चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। यह मामला फिल्म पोनियिन सेलवन-2 के गाने “वीरा राजा वीरा” से जुड़ा है। अदालत ने फिलहाल इस मामले की अगली सुनवाई अगले शुक्रवार तक के लिए टाल दी है।
दरअसल, सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपने-अपने तर्क रखे। डागर परिवार की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि उनका दावा गाने के बोल या ध्रुपद शैली पर नहीं है, बल्कि उस विशेष ताल और बीट पर है, जिसका इस्तेमाल गाने में किया गया है। उनका कहना है कि यह संरचना उनके परिवार द्वारा रचित “शिव स्तुति” से मिलती-जुलती है।
वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पिता नासिर फैयाजुद्दीन डागर और चाचा जहीरुद्दीन डागर ने सूलताल में एक विशिष्ट बंदिश रची थी, जिसे वे कई मंचों पर प्रस्तुत कर चुके हैं। उनका दावा है कि “वीरा राजा वीरा” में उसी ताल और संगीत संरचना का उपयोग बिना अनुमति किया गया है, जो कॉपीराइट का उल्लंघन है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि डागर परिवार का भारतीय शास्त्रीय संगीत में बड़ा योगदान रहा है और उन्हें किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ए.आर. रहमान भी संगीत की दुनिया में एक प्रतिष्ठित नाम हैं।
गौर करने वाली बात ये है कि एआर रहमान की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले में और समय देने की मांग की, जिसके बाद अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी। यह विवाद पिछले साल से जारी है। पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने रहमान को बीट का क्रेडिट देते हुए 2 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया था।
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हालांकि बाद में डबल बेंच ने यह कहते हुए फैसला पलट दिया कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि “शिव स्तुति” डागर बंधुओं की ही रचना है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस बहुचर्चित संगीत विवाद पर आगे की दिशा तय होगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)