रामानंद सागर के बेटे आनंद का निधन (फोटो-सोर्स, सोशल मीडिया)
Ramanand Sagar Son Anand Dies At 84 Age: भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों में से एक, सागर परिवार आज एक बड़ी क्षति से जूझ रहा है। टीवी के मशहूर धार्मिक शो ‘रामायण’ के निर्माता रामानंद सागर के बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का 13 फरवरी 2026 को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में शाम 4:30 बजे संपन्न हुआ। परिवार ने सोशल मीडिया के जरिए इस दुखद समाचार की पुष्टि की।
सागर परिवार ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “बेहद दुख और गहरे शोक के साथ, सागर परिवार अपने प्रिय पिता आनंद रामानंद सागर चोपड़ा के शांतिपूर्ण निधन की सूचना देता है। आनंद जी आर्ट्स के दूसरे पीढ़ी के प्रबंधन में सक्रिय थे।” पोस्ट में आगे उल्लेख किया गया कि आनंद जी अपनी गर्मजोशी, बुद्धिमत्ता और कोमल स्वभाव के लिए जाने जाते थे। परिवार, मित्र और उनके जानने वाले उन्हें हमेशा स्नेहपूर्वक याद करेंगे।
आनंद रामानंद सागर चोपड़ा ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2005 में रामानंद सागर के निधन के बाद आनंद जी ने सागर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर ‘रामायण’ और अन्य क्लासिक प्रोजेक्ट्स का पुनः प्रसारण और क्रिएटिव मैनेजमेंट संभाला। 2020 के कोविड लॉकडाउन के दौरान ‘रामायण’ का फिर से प्रसारण हुआ, जिसने न सिर्फ पुराने दर्शकों का दिल जीता बल्कि नई पीढ़ी के बीच भी अपार लोकप्रियता हासिल की।
आनंद रामानंद सागर चोपड़ा ने सागर आर्ट्स के माध्यम से पौराणिक और भक्तिपूर्ण प्रोजेक्ट्स के निर्माण और प्रबंधन में अहम योगदान दिया। उनके प्रयासों से महाकाव्य कथाओं और पौराणिक कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुँचाया गया। आनंद जी ने यह सुनिश्चित किया कि सागर ब्रांड टीवी पर आस्था और विश्वास से जुड़े प्रोग्राम का पर्याय बना रहे।
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सोशल मीडिया पर आनंद सागर की अंतिम विदाई का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें परिवार के सदस्य नम आंखों से उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देते नजर आ रहे हैं। उनके निधन से न सिर्फ सागर परिवार बल्कि पूरी टीवी इंडस्ट्री और फैंस के बीच गहरा शोक छाया हुआ है।
आनंद रामानंद सागर चोपड़ा ने न केवल सागर परिवार की विरासत को संजोया बल्कि भारतीय टेलीविजन में पौराणिक और धार्मिक कहानियों को नई ऊँचाई तक पहुँचाने में भी अहम भूमिका निभाई। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।