स्मृति ईरानी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Smriti Irani Struggle Story: छोटे पर्दे की ‘आदर्श बहू’ से लेकर देश की राजनीति में मजबूत पहचान बनाने तक स्मृति ईरानी का सफर संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल है। आज उनके जन्मदिन पर उनकी जिंदगी के उन पहलुओं को जानना दिलचस्प है, जिन्होंने उन्हें ‘तुलसी’ से एक प्रभावशाली नेता बना दिया।
स्मृति ईरानी का शुरुआती जीवन आसान नहीं था। करियर की तलाश में उन्होंने कई रास्ते आजमाए। उन्होंने फ्लाइट अटेंडेंट बनने के लिए आवेदन किया, लेकिन वहां से रिजेक्शन मिला। मॉडलिंग की दुनिया में भी उन्हें कई बार नकारा गया। हालांकि इन असफलताओं ने उनके हौसले को तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत किया। लगातार कोशिशों के बाद साल 2000 में उनकी किस्मत बदली और उन्हें टीवी इंडस्ट्री में बड़ा मौका मिला।
यह मौका था क्योंकि सास भी कभी बहू थी, जिसे एकता कपूर ने बनाया था। इस शो में स्मृति ने ‘तुलसी’ का किरदार निभाया, जो घर-घर में मशहूर हो गया। लोग उन्हें उनके असली नाम से कम और ‘तुलसी’ के नाम से ज्यादा पहचानने लगे। इस शो ने उन्हें टीवी की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।
पर्सनल लाइफ में भी स्मृति ईरानी चर्चा में रहीं। उन्होंने साल 2001 में जुबिन ईरानी से शादी की, जो पहले से शादीशुदा थे। इस वजह से उनकी शादी ने खूब सुर्खियां बटोरीं। आज उनका परिवार खुशहाल है और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक जुबिन की पहली शादी से है।
राजनीति में उनका सफर 2003 में शुरू हुआ, जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी जॉइन की। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ ता गया। 2004 में वह महाराष्ट्र युवा विंग की उपाध्यक्ष बनीं और उसी साल उन्होंने दिल्ली की चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
साल 2019 उनके राजनीतिक करियर का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ, जब उन्होंने राहुल गांधी को अमेठी सीट से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित कर दिया।
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हाल ही में स्मृति ईरानी ने अपने लोकप्रिय किरदार ‘तुलसी’ के रूप में टीवी पर वापसी की है, जिससे उनके फैंस बेहद उत्साहित हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि असफलताएं सिर्फ एक पड़ाव हैं, मंजिल नहीं। मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी ‘तुलसी’ से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय कर सकता है।