नवभारत निशानेबाज: मेट गाला फैशन शो का नाम, ईशा अंबानी साथ ले गई आम
Navabharat Nishanebaaz: मेट गाला 2024 में ईशा अंबानी ने अपनी अनूठी 'आम' स्टाइल वाली एक्सेसरी से सबको चौंका दिया। क्या आप जानते हैं इस बेशकीमती आम के पीछे का कलाकार कौन है?
- Written By: आकाश मसने
(डिजाइन फोटो)
Isha Ambani In Met Gala: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, मेट गाला जैसे हाई सोसाइटी के बड़े फैशन शो में ईशा अंबानी ने कमाल कर दिया। उन्होंने अपनी कमर में एक आम लटका कर लोगों को विस्मय में डाल दिया।’
हमने कहा, ‘मराठी में आम को आंबा कहते हैं। प्रसिद्ध मराठी गीत है- नाच रे मोरा आंब्याचा वनात, नाच रे मोरा नाच ! ईशा अंबानी ने आंबा साथ लेकर फलों के राजा आम के प्रति अपनी पसंद जाहिर कर दी। अब आप बताइए कि वह कौन सा आम कमर में लटकाकर ले गईं? वह रत्नागिरी का हापुस था या आंध्रप्रदेश का नीलम, तोतापरी या बैगनपल्ली ? यूपी का लंगड़ा, दशहरी चौसा, सफेदा मलीहाबादी या केसर ? बंगाल का हिमसागर वनराज, सुवर्ण रेखा, इमामपसंद ? अमेरिका में आम या तो मेक्सिको से आते हैं या हवाई द्वीप से? भारत से भी वहां आम भेजे जाते हैं जिनकी एक पेटी वहां 50 से 60 डॉलर की पड़ती है।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, ईशा अंबानी की पतली कमर में जो आम लटका था, वह ब्रांज या कांसे से निर्मित था जिसे सुबोध गुप्ता नामक कलाकार ने हाथ से पेंट किया था। धातु का बना वह आम बिल्कुल असली आम जैसा नजर आता था। यह आम मेट गाला शो की थीम ‘फैशन इज आर्ट’ से पूरी तरह मेल खाता था। हमारा ख्याल है कि आम के मौसम में फैशन शो में आम का प्रदर्शन सामयिक रहा।’
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हमने कहा, ‘आम को लेकर अनेक कहावतें हैं जैसे आम के आम गुठलियों के दाम। आम खाने से मतलब रखो, पेड़ गिनने से क्या फायदा!’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, आज की राजनीति में एक कहता है आम तो दूसरा कहता है इमली। आम जनता का काम वोट देना है लेकिन चुनकर आए नेताओं में आम तौर पर आम सहमति या आम राय बन नहीं पाती।’
हमने कहा, ‘मौसम आम का होने पर भी आम आदमी पार्टी बेहाल हो गई है। राघव चड्न सहित 7 राज्यसभा सदस्य ‘आप’ छोड़कर भाजपा में जाकर नमो नमो का भजन करने लगे। सिर्फ नाम के लिए आम आदमी पार्टी की सत्ता पंजाब में रह गई है।’
