सुवेंदु अधिकारी का होगा स्मृति ईरानी जैसा हाल? नंदीग्राम में ममता ने चला बड़ा दांव, बंगाल में मचा सियासी बवाल

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। ममता बनर्जी खुद भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी।
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West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। ममता बनर्जी खुद भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। मौजूदा वक्त में वे भवानीपुर का ही प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस बार यहां उनके सामने बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी की चुनौती होगी।

बीजेपी ने भी बीते कल यानी सोमवार को 144 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। जिसमें सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर से प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी ने मामूली अंतर से ममता बनर्जी को मात दे दी थी। जिसके बाद ममता ने भवानीपुर सीट से उपचुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।

सुवेंदु के खिलाफ ममता ने चला बड़ा दांव

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बार बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ ऐसी रणनीति अपनाई है जो सूबे में सियासी चर्चा का विषय बन गई है। टीएमसी ने नंदीग्राम सीट से बीजेपी के पूर्व नेता और शुभेंदु अधिकारी के करीबी पवित्र कर को टिकट देकर सियासी हलचल तेज कर दी है।

पहले भी TMC में रह चुके हैं पवित्र कर

नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनावों के दौरान पवित्र कर ने सुवेंदु अधिकारी की ओर से ज़मीनी स्तर पर काम किया। इस बार पवित्र कर में शामिल हो गए। TMC ने कहा कि कर ने BJP की जन-विरोधी नीतियों के प्रति नाराज़गी के चलते यह फैसला लिया। पवित्र कर का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वह पहले भी TMC के सदस्य रह चुके हैं।

2021 में थाम लिया था BJP का दामन

साल 2018 में पवित्र कर ने बोयाल क्षेत्र के दो गांवों के प्रधान के तौर पर काम किया और इस इलाके में उनकी जमीनी स्तर पर काफी मज़बूत पकड़ थी। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के साथ BJP का दामन थाम लिया था। पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान इस क्षेत्र में BJP को चुनावी बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है।

सुवेंदु अधिकारी ने ममता को दी थी मात

2021 के चुनावों में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगभग 1900 वोटों के मामूली अंतर से हराया था। इसके बाद 2023 में पवित्र कर की पत्नी ने BJP के टिकट पर चुनाव जीता और बोयाल क्षेत्र के भीतर दो ग्राम पंचायतों की बागडोर संभाली।

पवित्र कर को प्रत्याशी बनाना अहम क्यों?

नंदीग्राम-2 ब्लॉक में बीजेपी अधिक मजबूत मानी जाती है। पवित्र कर इसी ब्लॉक के निवासी हैं और इस इलाके में एक जाना-पहचाना चेहरा बने हुए हैं। तृणमूल के साथ अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भी, कर की इस क्षेत्र पर मज़बूत पकड़ थी और वह काफी लोकप्रिय थे। यही वजह है कि नंदीग्राम से उन्हें उम्मीदवार बनाने के फैसले अहम माना जा रहा है।

सुवेंदु अधिकारी का हो स्मृति जैसा हाल?

अगर पवित्र कर इस बार चुनाव में सुवेंदु अधिकारी को मात देने में कामयाब होते हैं तो यह ठीक लोकसभा चुनाव में यूपी की अमेठी सीट जैसा बदला माना जाएगा। अमेठी लोकसभा सीट पर स्मृति ईरानी ने 2019 लोकसभा चुनाव में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनाव हरा दिया था। हालांकि राहुल वायनाड लोकसभा सीट से जीत दर्ज करते हुए सांसद बन गए थे।

2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी में स्मृति ईरानी के खिलाफ केएल शर्मा को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने स्मृति ईरानी को मात दे दी। चुनाव नतीजे आने के बाद सियासी हलकों में यह चर्चा खूब हुई कि राहुल गांधी ने स्मृति ईरानी को अपने शागिर्द से शिकस्त दिलाकर 2019 की हार का करारा बदला लिया है।