सत्ता समीकरण साफ, नासिक मनपा प्रभाग समितियों पर भाजपा का दबदबा; नासिकरोड में शिवसेना की भूमिका

Nashik Ward Committee Formation: नासिक मनपा में प्रभाग समितियों के गठन व सभापति चुनाव को लेकर हलचल तेज है। दलीय समीकरण के अनुसार 3 समितियों पर BJP व नासिकरोड समिति पर शिवसेना का प्रभाव दिख रहा है।
Power Equations Clear: BJP Dominates Nashik Municipal Corporation Ward Committees; Shiv Sena Plays a Key Role in Nashik Road
Nashik Municipal Corporation Politics ( Source: Social Media )
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Nashik Municipal Corporation Politics: नासिक मनपा प्रशासन द्वारा प्रभाग समितियों की सदस्य संख्या के संबंध में महासभा को सिफारिश भेजने के साथ ही, अब समितियों के गठन और सभापति चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है।

दलीय स्थिति (बलाबल) के विश्लेषण से स्पष्ट है कि नासिक पश्चिम, पंचवटी और सातपुर जैसी तीन प्रमुख प्रभाग समितियों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का निर्विवाद नियंत्रण रहेगा, जबकि नासिकरोड समिति की सत्ता की चाबी शिवसेना (शिंदे गुट) के पास होगी।

मनपा के सामान्य चुनाव 2026 में 122 सीटों के लिए पार्षदों का चयन किया गया है। प्रशासन ने प्रस्ताव दिया है कि वर्तमान प्रभाग संरचना पिछले कार्यकाल के समान ही रखी जाए, क्योंकि प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाओं में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

भाजपा और शिंदे गुट ने की गठबंधन की घोषणा

नवीन नासिक (24 सदस्य) में भाजपा के 12 और शिंदे गुट के 7 पार्षद हैं, जबकि नासिक पूर्व (19 सदस्य) में भाजपा के 9 और शिंदे गुट के 4 पार्षद हैं। चूंकि महापौर और उपमहापौर चुनाव के लिए भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने पहले ही गठबंधन की घोषणा कर दी है। इसलिए इन दो समितियों के लिए 'युति धर्म' का पालन करते हुए एक-एक वर्ष के अंतराल पर सभापति पद बांटने का फॉर्मूला तय किया जा सकता है।

जनसंख्या के आधार पर प्रस्तावित सदस्य संख्या इस प्रकार

  • पंचवटी और नवीन नासिक प्रत्येक में 24 सदस्य (सर्वाधिक)
  • नासिकरोड 23 सदस्य
  • सातपूर 20 सदस्य
  • नासिक पूर्व 19 सदस्य
  • नासिक पश्चिम 12 सदस्य

3 समितियों पर भाजपा का एकतरफा कब्जा

दलीय आकड़ों के अनुसार, पंचवटी प्रभाग समिति (24 सदस्य। में भाजपा के पास 21 पार्षद हैं। नासिक पश्चिम (12 सदस्य) में भाजपा के 7 और सातपुर (20 सदस्य) में भाजपा के 14 पार्षद है, संख्या बल के इस स्पष्ट बहुमत के कारण इन तीनों समितियों पर भाजपा का एकतरफा कब्जा तय माना जा रहा है।

नासिकरोड में गठबंधन की मजबूरी

नासिकरोड प्रभाग समिति (23 सदस्य) में बहुमत के लिए 12 पार्थदी की आवश्यकता है। यहां भाजपा के पास 9 और शिंदे गुट के पास 4 पार्षद है। यदि भाजपा इस समिति को ठाकरे गुट (10 पार्षद) के हाथों में जाने से रोकना चाहती है, तो उसे शिंदे गुट को साथ लेना अनिवार्य होगा, ऐसे में किंगमेकर की भूमिका निभा रहे शिंदे गुट को सभापति पद दिए जाने की प्रबल संभावना है।

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