शशि कपूर के डायलॉग ने बदला सिनेमाई इतिहास, अमिताभ बच्चन संग नजर आईं एक्टर की केमिस्ट्री
Shashi Kapoor Death Anniversary: शशि कपूर, पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे बेटे थे। बाल कलाकार से करियर शुरू कर शशि कपूर ने यश चोपड़ा की ‘धर्मपुत्र’ से लीड एक्टर के रूप में पहचान बनाई।
- Written By: सोनाली झा
शशि कपूर के डायलॉग ने बदला सिनेमाई इतिहास
Shashi Kapoor Death Anniversary Special Story: बॉलीवुड एक्टर शशि कपूर का जन्म 18 मार्च 1938 को कोलकाता में हुआ था। शशि कपूर, कपूर खानदान के सबसे छोटे बेटे थे। उनके पिता पृथ्वीराज कपूर, और बड़े भाई राज कपूर व शम्मी कपूर फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित नाम थे। बचपन से ही अभिनय का शौक शशि के भीतर रमा हुआ था। यही कारण रहा कि उन्होंने फिल्मों में आने से पहले थिएटर में लंबा समय बिताया और खुद को सशक्त कलाकार के रूप में निखारा।
सिर्फ चार साल की उम्र में उन्होंने पृथ्वी थिएटर के नाटकों में भाग लिया और बाल कलाकार के रूप में ‘आग’ व ‘आवारा’ में छोटे किरदार निभाए। उनकी मेहनत और अनुभव ने उन्हें यश चोपड़ा की 1961 में रिलीज फिल्म ‘धर्मपुत्र’ तक पहुंचाया, जो उनका पहला लीड रोल था। यह फिल्म उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।
शशि कपूर का करियर
1960 से 1980 का दौर शशि कपूर के करियर का स्वर्णिम समय था। ‘जब-जब फूल खिले’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘प्यार का मौसम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित किया। उनकी नेचुरल एक्टिंग और स्क्रीन पर उनकी सहजता दर्शकों को बेहद पसंद आई। उनकी जोड़ी में सबसे ज्यादा चर्चा हुई अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की यारी और केमिस्ट्री की।
सम्बंधित ख़बरें
जुनून, मेहनत और सीखने की भूख, पटना की गलियों से NASA तक, Sushant Singh Rajput की सफलता के 5 फॉर्मूले
बचपन से संगीत के दीवाने थे Jubin Nautiyal, ‘एक मुलाकात’ से चमकी किस्मत, बन गए करोड़ों दिलों की आवाज
इंजीनियरिंग छोड़कर बने सुपरस्टार, चांद पर भी बनाई थी अपनी पहचान, जानें Sushant Singh Rajput की जिंदगी के पहलू
राम चरण-जाह्नवी कपूर की Peddi ने फिर मारी बाजी, Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai और Bandar के बीच दिखा बड़ा अंतर
अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की केमिस्ट्री
अमिताभ बच्चन और शशि कपूर ने साथ में ‘दीवार’, ‘कभी कभी’, ‘त्रिशूल’, ‘सुहाग’, ‘नमक हलाल’, ‘सिलसिला’ जैसी कई हिट फिल्में दीं। ‘दीवार’ में शशि कपूर का मशहूर डायलॉग ‘मेरे पास मां है’ न सिर्फ सिनेमाई इतिहास का हिस्सा बना, बल्कि अमिताभ बच्चन के करियर को ऊंचाई देने में भी अहम साबित हुआ। अमिताभ बच्चन कई बार कह चुके हैं कि शशि कपूर ने उनके करियर को सही दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाई।
शशि कपूर का निधन
शशि कपूर ने अभिनय के साथ-साथ प्रोडक्शन और निर्देशन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने ‘जुनून’, ‘कलयुग’, ‘विजेता’, ‘उत्सव’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया। हालांकि आर्थिक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण, दादा साहब फाल्के अवॉर्ड और कई राष्ट्रीय सम्मान मिले। 4 दिसंबर 2017 को उनका निधन हो गया, लेकिन भारतीय सिनेमा में शशि कपूर की विरासत उन्हें हमेशा जीवित रखेगी।
