कांतारा मिमिक्री विवाद पर रणवीर सिंह को कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, इस दिन होगी अगली सुनवाई
Ranveer Singh Kantara Controversy: कांतारा मिमिक्री विवाद में कर्नाटक हाईकोर्ट ने रणवीर सिंह को फटकार लगाई और कहा कि लोकप्रियता कानून से ऊपर नहीं। हालांकि कोर्ट ने सख्त कार्रवाई पर रोक भी लगाई।
- Written By: स्नेहा मौर्या
Kantara Chapter 1 Mimicry Row On Ranveer Singh: फिल्म कंतारा से जुड़े मिमिक्री विवाद में अभिनेता रणवीर सिंह का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। मंगलवार को इस मामले पर कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए अभिनेता को सार्वजनिक जिम्मेदारी का एहसास कराया।
कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकप्रियता या प्रतिभा किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं बनाती। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है, चाहे वह बड़ा स्टार ही क्यों न हो।
रणवीर सिंह को अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि एक अभिनेता होने के नाते आपकी जिम्मेदारी सामान्य नागरिक से अधिक होती है, क्योंकि लाखों लोग आपको फॉलो करते हैं। ऐसे में किसी धार्मिक किरदार या परंपरा की नकल करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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अदालत ने यह भी कहा कि “इंटरनेट कभी नहीं भूलता।” सार्वजनिक मंच पर कही या की गई हर बात रिकॉर्ड में रहती है और उसका प्रभाव दूरगामी हो सकता है। कोर्ट की ये टिप्पणियां उस घटना के संदर्भ में थीं, जिसमें रणवीर सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान दैव (भूताराधने) से जुड़े किरदार की नकल की थी।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत गोवा में आयोजित 56वें फिल्म फेस्टिवल की क्लोजिंग सेरेमनी से हुई। कार्यक्रम के दौरान रणवीर सिंह ने मंच पर फिल्म ‘कांतारा’ के एक चर्चित दैव सीन की मिमिक्री की थी। उस समय फिल्म के अभिनेता-निर्देशक
ऋषभ शेट्टी भी मंच पर मौजूद थे। कुछ संगठनों और समूहों ने इस प्रस्तुति को धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया और विरोध जताया। इसके बाद मामले में शिकायत दर्ज हुई और विवाद कानूनी मोड़ लेता चला गया।
राहत के साथ दिया ये निर्देश
हालांकि अदालत ने अभिनेता को कड़ी नसीहत दी, लेकिन साथ ही उन्हें अंतरिम राहत भी प्रदान की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। साथ ही, रणवीर सिंह को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
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अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को निर्धारित की गई है। तब तक यह विवाद चर्चा में बना रहेगा। फिल्मी मंच से शुरू हुआ यह मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है, जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की दिशा तय होगी।
