आदित्य पंचोली केस में नया मोड़, दुष्कर्म मामले की FIR पर हुई सुनवाई, एक्ट्रेस को 12वीं बार भेजा गया समन

Aditya Pancholi Rape Case: आदित्य पंचोली की 2019 में दर्ज दुष्कर्म FIR रद्द करने की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में 28वीं सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 4 मार्च को तय की गई है।
Aditya Pancholi Rape Case
आदित्य पंचोली (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Aditya Pancholi Bombay High Court Hearing: बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में 28वीं बार सुनवाई हुई। अभिनेता स्वयं भी अदालत में उपस्थित हुए। सुनवाई के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने कहा कि मामला अभी न्यायालय में लंबित है और आगे की स्थिति 4 मार्च को स्पष्ट होगी।

आदित्य पंचोली का क्या है पूरा मामला?

यह मामला 27 जून 2019 को वर्सोवा पुलिस स्टेशनमें दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता एक महिला अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अभिनेता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत आरोप लगाए थे। पंचोली की ओर से दायर याचिका में इस एफआईआर को निरस्त करने की मांग की गई है। बचाव पक्ष का कहना है कि कथित घटना के लगभग 15 वर्ष बाद शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे इसकी विश्वसनीयता और मंशा पर प्रश्न उठते हैं। अभिनेता के वकील प्रशांत पाटिल ने अदालत में दलील देते हुए सुप्रीम कोर्ट के चर्चित हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल फैसले का हवाला दिया। इस निर्णय में उन परिस्थितियों का उल्लेख है, जिनमें अदालत एफआईआर को रद्द कर सकती है। वकील ने तर्क दिया कि वर्तमान मामले में भी वही सिद्धांत लागू होते हैं और इसलिए FIR को खारिज किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि शिकायत में देरी और परिस्थितियां इस मामले को रद्द करने योग्य बनाती हैं।

अभियोजन पक्ष ने भी किया रुख

सुनवाई के दौरान पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने अदालत को बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता को जांच में शामिल होने के लिए 11 बार नोटिस जारी किए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। इस पर हाईकोर्ट ने एक बार फिर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई पर पेश होने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता की ओर से उपस्थित वकील ने अदालत से समय मांगा, यह कहते हुए कि उन्हें अपने मुवक्किल से निर्देश लेने की आवश्यकता है, ताकि वे विस्तृत जवाब दाखिल कर सकें।

FIR में किया गया रिकॉर्डिंग का दावा

बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि एफआईआर दर्ज होने से पहले एक व्यक्ति ने आदित्य पंचोली से मुलाकात की थी, जिसकी कथित रिकॉर्डिंग उनके पास है। इस रिकॉर्डिंग को अदालत में प्रस्तुत किया गया है, ताकि यह दिखाया जा सके कि शिकायत दर्ज कराने के पीछे की मंशा संदिग्ध थी। फिलहाल मामला विचाराधीन है। अब सभी की निगाहें 4 मार्च पर टिकी हैं, जब अदालत इस याचिका पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।

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