तिहाड़ में आम कैदी की तरह रह रहे राजपाल यादव, नहीं मिली कोई VIP सुविधा, कैदियों को सुना रहे चुटकुले
Rajpal Yadav Bail Hearing: 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल पहुंचे राजपाल यादव सामान्य कैदी की तरह रह रहे हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक उन्हें कोई वीआईपी सुविधा नहीं मिली है।
- Written By: सोनाली झा
राजपाल यादव (फोटो- सोशल मीडिया)
Rajpal Yadav Tihar Jail: करीब 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल पहुंचे बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि जेल प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, उन्हें किसी भी तरह की वीआईपी सुविधा नहीं दी गई है और वह जेल मैनुअल के अनुसार एक सामान्य कैदी की तरह ही रह रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, राजपाल यादव को जेल नंबर-2 में रखा गया है। शुरुआती 24 घंटों तक वह काफी शांत रहे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने खुद को माहौल के अनुरूप ढाल लिया। अब वह सह-कैदियों के बीच अपने मशहूर कॉमिक अंदाज से माहौल हल्का कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कैदियों की डिमांड पर वह अपनी फिल्मों के कॉमेडी डायलॉग और किस्से सुनाते हैं, जिससे बैरक में हंसी-ठहाके गूंजने लगते हैं।
राजपाल यादव की रूटीन
जेल के दैनिक रूटीन के मुताबिक, उन्हें सुबह तय समय पर बैरक से बाहर निकाला जाता है। फ्रेश होने के बाद चाय और नाश्ता दिया जाता है। दिनभर वह अन्य कैदियों की तरह ही निर्धारित गतिविधियों का पालन करते हैं। शाम करीब 7 बजे रात का खाना दिया जाता है, जिसमें दाल, सब्जी, रोटी और चावल शामिल होते हैं। रात 10 बजे तक वह सो जाते हैं और सुबह 5 से 6 बजे के बीच उठ जाते हैं। फिलहाल अभिनेता जेल में सामान्य जीवन जी रहे हैं और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
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राजपाल यादव ने नहीं मांगी विशेष सुविधा
सूत्र बताते हैं कि राजपाल यादव ने अपने लिए बाहर से किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं की है। वह जेल मैनुअल के तहत मिलने वाली हर व्यवस्था को स्वीकार कर रहे हैं। हाजिरी, साफ-सफाई और अन्य नियमों में भी उन्हें कोई छूट नहीं दी गई है। बताया जाता है कि दिन के समय कई कैदी उनकी एक झलक पाने के लिए उत्सुक रहते हैं। उन्हें देखते ही कई चेहरों पर मुस्कान आ जाती है। राजपाल यादव भी पूछने पर बेझिझक अपनी परिस्थितियों के बारे में बताते हैं। उन्होंने अपने साथियों से कहा है कि उनकी नीयत बेईमानी की नहीं थी, लेकिन हालात ने उन्हें यहां तक पहुंचा दिया।
