राज बब्बर (फोटो-सोशल मीडिया)
मुंबई: बॉलीवुड फिल्मों में खलनायक का किरदार निभाना एक कठिन चुनौती होता है। पर्दे पर निभाया गया एक निगेटिव रोल कलाकार को खूब शोहरत दिला सकता है, लेकिन कभी-कभी ये किरदार उसकी निजी जिंदगी को भी गहरे तरीके से प्रभावित कर देते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ था दिग्गज एक्टर राज बब्बर के साथ। राज बब्बर ने एक पुराने इंटरव्यू में अपने करियर की एक दिल को छू लेने वाली घटना साझा की थी।
राज बब्बर ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में जब उन्होंने एक फिल्म में विलेन का किरदार निभाया था, तो उसके प्रीमियर पर अपनी मां के साथ विज्ञान भवन यानी दिल्ली गए थे। उस समय उनके पास खुद की कार नहीं थी, इसलिए पूरा परिवार टैक्सी से गया। राज बताते हैं कि फिल्म के इंटरवल के दौरान औरतें और लोग मेरी भूमिका पर भड़क उठे थे। सब मुझे गालियां दे रहे थे। मां भी वहीं बैठी थीं और ये सब सुन रही थीं। फिल्म खत्म होने के बाद जब हम वापस लौटने लगे तो मां अचानक रोने लगीं।
राज को पहले लगा कि मां की आंखों में खुशी के आंसू हैं, क्योंकि बेटे ने पहली बार बड़े पर्दे पर एक अहम रोल निभाया था। लेकिन जब उन्होंने मां के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया, तब मां ने जो कहा वो राज बब्बर कभी नहीं भूल पाए। मां बोलीं बेटा, हम कम खा लेंगे, लेकिन तू ऐसा काम मत कर। यह सुनकर राज बब्बर का दिल भर आया। उन्हें समझ आ गया कि एक कलाकार की मेहनत और परिवार की भावनाएं अक्सर एक-दूसरे से टकरा जाती हैं।
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मां को बुरा लगा था कि उनका बेटा ऐसा किरदार निभा रहा है जिसे देखकर लोग उसे गालियां दे रहे हैं। राज बब्बर ने यह किस्सा सुनाते हुए कहा था कि इस घटना ने उन्हें भावनात्मक रूप से झकझोर दिया था, लेकिन साथ ही यह भी सिखाया कि एक अभिनेता को न केवल किरदार निभाना होता है, बल्कि समाज और परिवार की भावनाओं का भी ध्यान रखना पड़ता है।