

Sunetra Pawar On Minority Development: महाराष्ट्र विधानसभा में एक सवाल के जवाब में डीसीएम सुनेत्रा पवार ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के विकास और कौशल संवर्धन को गति देने के उद्देश्य से स्थापित अल्पसंख्यक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (MARTI) जल्द ही नियमित रूप से कार्य शुरू करेगी।
पहली बार उपमुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की मंत्री सुनेत्रा पवार ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बोलते हुए सपा विधायक रईस शेख द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में कहा कि संस्था की स्थापना हुए कई महीने बीत जाने के बावजूद कामकाज शुरू न होने के मुद्दे पर सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी को शुरू हुआ था।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर स्थित हज हाउस में संस्था का अस्थायी कार्यालय स्थापित किया गया है। संस्था के कार्यालयीन खर्च के लिए चालू वर्ष में 3 करोड़ 12 लाख रुपए की राशि अनुपूरक मांगों के माध्यम से मंजूर की गई है। साथ ही कंपनी अधिनियम के तहत संस्था की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए हाल ही में एक सलाहकार नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को संस्था का कामकाज जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अल्पसंख्यक विकास विभाग की ओर से नवस्थापित अल्पसंख्यक आयुक्तालय भी छत्रपति संभाजीनगर में शुरू कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस संस्था के शुरू होने से अल्पसंख्यक समुदाय के लिए प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने में मदद के साथ युवाओं को कौशल आधारित अवसर उपलब्ध होंगे।
इधर गुरुवार को राज्य विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र की विकास यात्रा रुकेगी नहीं। राज्य में औद्योगिक क्रांति हो रही है। निवेश बढ़ रहा है। युवाओं के रोजगार को लेकर एक बड़ी घोषणा करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि साल 2026 को "रिक्रूटमेंट ईयर" के नाम से जाना जाएगा। अब तक 153,000 पदों में से 85,363 उम्मीदवारों को नियुक्त किया जा चुका है। बाकी 75,000 से ज़्यादा नौकरियों के लिए प्रोसेस शुरू होगा।