हिंदी-मराठी भाषा विवाद पर आर माधवन की बात, कहा- मैंने हर संस्कृति का सम्मान किया
आर. माधवन इन दिनों अपनी नई फिल्म 'आप जैसा कोई' को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान हिंदी-मराठी भाषा विवाद पर रिएक्ट किया और कहा कि मुझे भाषा की वजह से कोई दिक्कत नहीं है।
- Written By: स्नेहा मौर्या
आर माधवन (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
R Madhavan On Language Row: बॉलीवुड एक्टर आर. माधवन को आज हर कोई जानता है और इन दिनों एक्टर अपनी नई फिल्म ‘आप जैसा कोई’ को लेकर सुर्खियों में हैं। यह फिल्म 11 जुलाई 2025 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है। इसमें माधवन के साथ फातिमा सना शेख नजर आ रही हैं। दोनों की केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा है।
दरअसल, फिल्म की रिलीज के बीच माधवन ने हिंदी और मराठी भाषा विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें भारत में कभी भी भाषा की वजह से कोई परेशानी नहीं हुई।
आर माधवन भाषा विवाद पर किया रिएक्ट
मीडिया एजेंसी से बातचीत के दौरान आर माधवन ने बताया कि उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों और संस्कृतियों में रहकर काम किया है। उन्होंने कहा, “मैं तमिल बोलता हूं, हिंदी भी बोलता हूं। मैंने कोल्हापुर में पढ़ाई की है, इसलिए मराठी भी सीखी है। मुझे कभी भी भाषा को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई, भले मैं उस भाषा को जानता हूं या नहीं।”
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उनका मानना है कि भाषा किसी इंसान की तरक्की में रुकावट नहीं बनती, अगर हम एक-दूसरे की संस्कृति का सम्मान करें। हाल ही में ‘सन ऑफ सरदार 2’ के ट्रेलर लॉन्च पर जब अजय देवगन से भाषा विवाद पर सवाल किया गया तो उन्होंने ‘सिंघम’ वाले अंदाज में जवाब दिया, “आता माझी सटकली।”
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उदित नारायण ने भी कंट्रोवर्सी पर तोड़ी थी चुप्पी
मशहूर सिंह उदित नारायण ने भी इस विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि “हमें हर क्षेत्र की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। मैं महाराष्ट्र में रहता हूं, यही मेरी कर्मभूमि है। मराठी भाषा जरूरी है, लेकिन देश की सभी भाषाओं को समान सम्मान मिलना चाहिए।”
क्या है पूरा मामला?
खास बात ये है कि हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने अपने सरकारी स्कूलों में मराठी और अंग्रेजी के साथ हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने का आदेश दिया है। यह फैसला तीन-भाषा नीति के तहत लिया गया है। हालांकि शिवसेना (UBT) और मनसे ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे मराठी अस्मिता पर हमला बताया। लेकिन अब आर माधवन, उदित नारायण जैसे कलाकारों का मानना है कि भाषा को लेकर विवाद नहीं, एकता और सम्मान होना चाहिए।
