वरिष्ठ नागरिकों को बूढ़ा नहीं Gen Z प्लस बुलाएं, नीना गुप्ता को पसंद आया केंद्रीय मंत्री का विचार
Neena Gupta: अभिनेत्री नीना गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों को 'बूढ़ा' नहीं बल्कि 'जेन जी प्लस' कहने की वकालत की है। यह विचार उन्हें केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मिला, जिसकी उन्होंने तारीफ की।
- Written By: अनिल सिंह
नीना गुप्ता की वकालत: वरिष्ठ नागरिकों को 'बूढ़ा' नहीं 'जेन जी प्लस' कहें
Neena Gupta Gen Z Plus: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री नीना गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों को एक नई पहचान देने की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा है कि अब से वरिष्ठ नागरिकों को ‘बूढ़ा’ नहीं, बल्कि ‘जेन जी प्लस’ कहना शुरू करना चाहिए। नीना गुप्ता का यह बयान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Dr. Jitendra Singh) के एक खास विचार से प्रेरित है।
66 वर्षीय अभिनेत्री नीना गुप्ता, जो भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की सीनियर केयर समिति की एंबेसडर भी हैं, ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में हंसते हुए इस नए टर्म को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमें बूढ़ा न बोलें, हम जेन जी प्लस हैं।”
‘जेन जी प्लस’ का विचार
नीना गुप्ता ने बताया कि उन्हें यह नया विचार हाल ही में सीआईआई सीनियर केयर समिट में मिला। उन्होंने कहा, “मैं सीआईआई सीनियर केयर समिट में गई थी। वहां मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी आए थे। उन्होंने एक बेहद खास बात कही। उन्होंने कहा कि अब से हम लोगों को बूढ़े लोग नहीं कहेंगे; हम जेन जी प्लस कहना शुरू करेंगे।” नीना ने कहा कि उन्हें यह बात काफी पसंद आई और उन्होंने फैंस से अनुरोध किया कि आज से उन्हें सीनियर सिटीजन नहीं, बल्कि ‘जेन जी प्लस’ बोलें।
सम्बंधित ख़बरें
शाहरुख खान की ‘किंग’ से टला क्लैश, अब नई तारीख पर रिलीज होगी Aneet Padda की ‘शक्ति शालिनी’
‘आप बिहारी है’, जब Shekhar Suman से बोले नितिन गडकरी, शो में छाए हंसी के ठहाके
कान्स 2026 में ब्लैक गाउन पहन Huma Qureshi ने बिखेरा ग्लैमर, तस्वीरों ने इंटरनेट पर मचाया तहलका
Moushumi Chatterjee ने की जीतेंद्र की समय पाबंदी की तारीफ, बोलीं- शूटिंग से एक घंटा पहले हो जाते थे तैयार
ये भी पढ़ें- तुम्हारी 2 मां हैं? चौथी कक्षा में ईशा देओल को दोस्तों ने पूछा था सवाल
सीआईआई सीनियर केयर समिट वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, स्वास्थ्य और सामाजिक एकीकरण पर केंद्रित था। डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की असली ताकत सभी पीढ़ियों—जेन एक्स, वाई, जेड और उसके बाद—की सामूहिक ऊर्जा में है। उन्होंने कहा, “वरिष्ठ नागरिकों को बूढ़ा कहना पुरानी सोच है। वे जेन जी प्लस हैं, जो अनुभव और ऊर्जा से भरे हैं।”
अंतर-पीढ़ीगत तालमेल पर जोर
डॉ. जितेंद्र सिंह ने राष्ट्र निर्माण की दिशा में सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए जेन एक्स, वाई और जेड के बीच अंतर-पीढ़ीगत तालमेल (Inter-generational Synergy) पर बल दिया। उनका यह विचार वरिष्ठों को सशक्त बनाने और उम्र के भेदभाव (Ageism) को दूर करने पर केंद्रित है।
नीना गुप्ता सीआईआई की सीनियर केयर समिति की एंबेसडर के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों को बढ़ावा दे रही हैं। समिति का उद्देश्य उद्योग, सरकार और समाज के सहयोग से वरिष्ठों के लिए बेहतर नीतियां और समर्थन प्रणाली बनाना है।
