3 साल इंतजार, CBFC ने नहीं दिया जवाब, 'LAC बैटल ऑफ गलवान' पर डायरेक्टर का खुलासा

सलमान खान की अपकमिंग फिल्म बैटल ऑफ गलवान इन दिनों सुर्खियां में है। इसी बीच इस पर बनी एक और फिल्म LAC: बैटल ऑफ गलवान यूट्यूब पर रिलीज की गई। साथ ही डायरेक्टर ने फिल्म को लेकर कई खुलासे भी किए।
3 साल इंतजार, CBFC ने नहीं दिया जवाब, 'LAC बैटल ऑफ गलवान' पर डायरेक्टर का खुलासा
बैटल ऑफ गलवान (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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L.A.C Battle of Galwan: इन दिनों सलमान खान की अपकमिंग फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा है। इस फिल्म के लिए सलमान खान ने जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन और कड़ी ट्रेनिंग ली है। उनके फर्स्ट लुक ने भी फैंस का दिल जीत लिया।

लेकिन इसी टॉपिक पर बनी एक और फिल्म ‘LAC: बैटल ऑफ गलवान’ भी चर्चा में आ गई है, जिसे डायरेक्ट नितिन कुमार गुप्ता ने किया है । खास बात यह है कि यह फिल्म अब यूट्यूब पर रिलीज की गई है, जबकि निर्देशक का सपना इसे सिनेमाघरों में दिखाने का था।

डायरेक्टर ने फिल्म को लेकर किए खुलासे 

नितिन कुमार गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह इस फिल्म को साल 2023 में थिएटर्स में रिलीज करना चाहते थे। लेकिन फिल्म को बनने में दो साल से ज्यादा का वक्त लग गया। नवंबर 2020 में इसकी शूटिंग शुरू हुई थी और जून 2022 में इसे सेंसर बोर्ड (CBFC) के पास सर्टिफिकेट के लिए भेजा गया।

उन्होंने कहा कि अगस्त 2022 में CBFC के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग की गई थी, जिसके बाद सितंबर में बोर्ड ने कुछ बड़े बदलावों की मांग रखी। इनमें फिल्म के नाम से ‘LAC’ शब्द हटाना, असली लोकेशंस के रेफरेंस हटाना और 33 प्रतिशत हिंसा कम करना शामिल था।

3 साल तक CBFC ने नहीं दिया कोई जवाब

सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि CBFC ने फिल्म के एंड क्रेडिट्स से 20 रियल लाइफ शहीदों की तस्वीरें हटाने को भी कहा, जो गलवान घाटी में शहीद हुए थे। नितिन ने भारी मन से ये सभी बदलाव किए और फिल्म को दोबारा सितंबर 2022 में सबमिट किया, लेकिन तीन साल बाद भी उन्हें CBFC की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

नितिन कुमार ने बताया कि उन्होंने हर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार फिल्म के डिजिटल राइट्स धारक विक्रम जाधव (जो एक अमेरिकी नागरिक हैं) ने इसे यूट्यूब पर रिलीज करने का फैसला लिया।

‘LAC बैटल ऑफ गलवान’ अब फ्री में यूट्यूब पर देखी जा सकती है। यह फिल्म गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच हुए संघर्ष और उसमें शहीद हुए जवानों की बहादुरी को श्रद्धांजलि देती है। डायरेक्टर ने इसे सैनिकों और उनके परिवारों को समर्पित किया है।

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