KSBKBT Spoiler: परी पर जुल्म देखकर मिहिर का फूटा गुस्सा, रणविजय को सबक सिखाने के लिए हाथ में थमाई चप्पल
KSBKBT Latest Episode: ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के लेटेस्ट एपिसोड में मिहिर रणविजय के खिलाफ खड़ा होकर परी को हिम्मत देता है। वह बेटी को चप्पल देकर अत्याचार का जवाब देने को कहता है।
- Written By: सोनाली झा
क्योंकि सास भी कभी बहू थी ट्विस्ट (फोटो- सोशल मीडिया)
Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi Twist: स्टार प्लस के पॉपुलर शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में इमोशन, टकराव और बड़े फैसलों ने दर्शकों को बांधे रखा। एपिसोड की शुरुआत मिहिर और तुलसी से होती है, जो पूरे परिवार के साथ बापजी के घर शादी अटेंड कर मुंबई लौट रहे होते हैं। रास्ते भर तुलसी मिहिर से कहती रहती है कि वह उसे अकेला छोड़ दे और बस से चली जाएगी। लेकिन मिहिर उसे अकेला जाने नहीं देता। मुंबई पहुंचते ही तुलसी साफ शब्दों में कहती है कि अब उसे आज़ाद छोड़ दिया जाए। मिहिर जवाब देता है कि जहां जाना है, वह खुद छोड़ देगा।
इसी बातचीत में तुलसी मिहिर को कड़वी सच्चाई आईना दिखाती है। वह कहती है कि पिछले छह सालों से वह अकेले ही सब कुछ संभाल रही है। अंगद को मिहिर पहले ही खुद से दूर कर चुका है, ऋतिक की हालत भी खराब हो चुकी है, लेकिन अब कम से कम परी को बचा लो। तुलसी मिहिर को बताती है कि उसके ही घर में उसकी बेटी के साथ क्या-क्या हो रहा है और उसे इसका अंदाजा तक नहीं है। वह मिहिर से अपील करती है कि देर किए बिना सही फैसला ले और जो उसके साथ हुआ, वही नॉयना के साथ न दोहराए।
परी पर हाथ उठाने की कोशिश करेगा रणविजय
दूसरी तरफ, घर में रणविजय परी पर एक बार फिर हाथ उठाने की कोशिश करता है। तभी ऋतिक वहां पहुंच जाता है और रणविजय को रोकता है। वह गुस्से में मिहिर को सच्चाई बताने की कोशिश करता है, लेकिन मिहिर पहले तो कह देता है कि यह पति-पत्नी का मामला है। यह सुनकर रणविजय खुश हो जाता है, लेकिन तभी कहानी में बड़ा ट्विस्ट आता है।
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मिहिर ने थमाई परी को चप्पल
मिहिर अचानक परी को अपनी चप्पल देता है। पहले तो परी समझ नहीं पाती, लेकिन मिहिर साफ कहता है कि यह चप्पल पहनने के लिए नहीं, बल्कि रणविजय पर चलाने के लिए है। मिहिर कहता है कि जो आदमी तुम्हें मारता है, उसे मारो, जितना चाहे मारो। वह चाहता है कि उसकी बेटी कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत बने।
मिहिर ने थमाई परी को चप्पल
परी जैसे ही रणविजय को चप्पल मारने जाती है, तभी उसकी छोटी बेटी वहां आ जाती है और मम्मा कहकर पुकारती है। बेटी को देखकर परी रुक जाती है और रणविजय को मारने के बजाय अपनी बच्ची को गले लगा लेती है। इधर, तुलसी अंगद और वृंदा को सारी सच्चाई बता देती है। अंगद गुस्से में कहता है कि उसने पहले ही परी को समझाने की कोशिश की थी। वहीं वृंदा कहती है कि अगर पहले गलती हुई थी, तो इसका मतलब यह नहीं कि आज जब उसके साथ गलत हो रहा है, तो वे उसका साथ न दें।
