‘आपने तो मसाला लगाया…’ सुप्रीम कोर्ट से कंगना रनौत को झटका, किसान आंदोलन केस में नहीं मिली राहत
Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने कंगना रनौत को बड़ा झटका दिया है। किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर अपमानजनक ट्वीट करने के आरोप में उन्हें राहत नहीं मिली और एक्ट्रेस को याचिका वापस लेनी पड़ी।
- Written By: स्नेहा मौर्या
कंगना रनौत (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Kangana Ranaut No Relief Supreme Court: किसान आंदोलन को लेकर अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को राहत देने से इंकार कर दिया है। इससे पहले कंगना ने उस शिकायत को रद्द करने की मांग वाली याचिका दाखिल की थी, जिसे उन्होंने बाद में वापस भी ले लिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कंगना द्वारा किया गया ट्वीट सामान्य टिप्पणी नहीं था, बल्कि उसमें विवाद और उत्तेजना फैलाने का इरादा था।
कंगना रनौत पर आरोप था कि उन्होंने साल 2020-21 में चल रहे किसानों के प्रदर्शन को लेकर एक महिला प्रदर्शनकारी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उनके रीट्वीट से जुड़ा था। शिकायतकर्ता महिंदर कौर, जो पंजाब के बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जांडियान गांव से हैं, ने जनवरी 2021 में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कंगना ने उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए और उन्हें शाहीन बाग की महिला प्रदर्शनकारी से तुलना की थी।
कंगना रनौत की याचिका खारिज
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पहले ही कंगना रनौत की याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कंगना के खिलाफ लगाए गए आरोप विशिष्ट हैं और उनके रीट्वीट में झूठे बयान शामिल थे, जिससे शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। कोर्ट ने यह भी माना कि यह मामला व्यक्तिगत आक्षेप से कहीं अधिक गंभीर है और शिकायत दर्ज कराना दुर्भावनापूर्ण नहीं कहा जा सकता।
सम्बंधित ख़बरें
Swara Bhasker ने बॉडी शेमिंग पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- महिलाओं का शरीर ग्लैमर के लिए नहीं, ट्रोलर्स को दिया जवाब
Kapil Sharma के शो में समय रैना और रणवीर अहलावादिया की एंट्री, फैंस बोले- लग रहा है आखिरी एपिसोड
Pati Patni Aur Woh 2 का ट्रेलर रिलीज, तीन रिश्तों के बीच फंसे आयुष्मान खुराना, जानें कब दस्तक देगी फिल्म
Vijay Deverakonda Film: विजय देवरकोंडा की फिल्म में रश्मिका मंदाना की दोस्त की एंट्री ! बजट पर आया नया अपडेट
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता शामिल थे, ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बठिंडा मजिस्ट्रेट ने इस पूरे मामले पर रिकॉर्ड में उपलब्ध सामग्री के आधार पर सही निर्णय लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह से उचित तरीके से अपनाई गई थी।
ये भी पढ़ें- Raghava Lawrence: कंचना फेम राघव लॉरेंस ने अपने घर को बनाया शिक्षा का मंदिर, मुफ्त स्कूल का ऐलान
क्या था पूरा मामला?
महिंदर कौर ने बताया था कि वे 2020-21 के दौरान (अब निरस्त हो चुके) कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लेती रहीं। अपने वृद्धावस्था के बावजूद, उन्होंने किसानों के समर्थन में दिल्ली जाकर धरनों में हिस्सा लिया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें शाहीन बाग की उस महिला से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था, जिसकी तुलना कंगना ने की थी। इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया पर बहस का नया आयाम दे दिया है।
