आज की फिल्मों में कॉमेडी क्यों हो रही फीकी, जॉनी लीवर ने किया बड़ा खुलासा, जानें इसके पीछ की वजह
Johnny Lever Movies: जॉनी लीवर ने हाल ही में खुलासा किया कि आज की फिल्मों में कॉमेडी क्यों फीकी पड़ गई है। उन्होंने कहा कि नए कलाकार की एंटी और जल्दबाजी करने वाले निर्देशक इसकी मुख्य वजह हैं।
- Written By: स्नेहा मौर्या
जॉनी लीवर (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Johnny Lever’s View On Comedy Film: बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और अभिनेता जॉनी लीवर को आज हर कोई जानता है। इसी बीच हाल ही में उन्होंने इंडस्ट्री को लेकर खुलासा किया है। दरअसल, एक्टर का मानना है कि आजकल फिल्मों में कॉमेडी का स्तर पहले जैसा नहीं रहा। हाल ही में रिलीज़ हुई कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में काम कर रहे जॉनी ने इसका मुख्य कारण अच्छे लेखकों की कमी और निर्माता-निर्देशकों की जल्दबाजी बताया।
बॉडी लैंग्वेज और कलाकार की क्षमता पर कम ध्यान
जॉनी लीवर के अनुसार पहले के निर्देशक जानते थे कि कलाकार से कैसे सर्वश्रेष्ठ निकालना है। उन्हें कलाकार की भीतर की क्षमता का अंदाजा होता था। अब कलाकार सिर्फ स्क्रिप्ट के शब्दों को बोलते हैं और चेहरे के भाव या बॉडी लैंग्वेज पर पहले जैसा ध्यान नहीं दिया जाता।
नए कलाकारों पर एक्टर का दो टूक
जॉनी ने नए कलाकारों की तैयारी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले कलाकार अलग-अलग भाषाओं में संवाद बोलने की कोशिश करते थे, लेकिन आज कई कलाकारों को यह आता ही नहीं। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई दक्षिण भारतीय पात्र है, तो केवल लुंगी पहनाने से वह वास्तविक नहीं दिखेगा।
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निर्माताओं और निर्देशकों की जल्दबाजी
जॉनी लीवर के अनुसार, आज के निर्माता-निर्देशक समय की कमी के चलते कलाकारों को पूरा मौका नहीं देते। कई बार निर्देशक बेहतर करने की कोशिश करते हैं, लेकिन निर्माता जल्दी शूट खत्म करने का दबाव डाल देते हैं।
कॉमेडी ट्रैक का हो रहा नुकसान
वह बताते हैं कि पहले कॉमेडियन के लिए अलग ट्रैक लिखा जाता था, जिसमें परिवार और सास-ससुर जैसे किरदार शामिल होते थे। अब वह ट्रैक लगभग गायब हो गया है और लेखक भी कलाकार के लिए जगह नहीं बनाते।
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सेट पर अपनापन और माहौल जरूरी
पुराने दौर में सेट पर आपसी अपनापन और पारिवारिक माहौल होता था। सभी कलाकार साथ बैठकर खाते-पीते थे और मज़ाक-मस्ती भी होती थी। आज यह अपनापन कम हो गया है, जिससे काम का माहौल भी बदल गया है। जॉनी लीवर की ये बातें बॉलीवुड में कॉमेडी की बदलती शैली और नए कलाकारों की तैयारी पर गहरा असर डालती हैं। उनका अनुभव यह दिखाता है कि केवल हीरो पर निर्भर रहकर आज की फिल्म इंडस्ट्री में सफलता पाना कठिन हो गया है।
