थलापति विजय की ‘जन नायकन’ पर कानूनी संकट! सेंसर बोर्ड पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, रिलीज डेट पर सस्पेंस बरकरार
Jan Nayagan Controversy: थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' के सर्टिफिकेशन विवाद में सेंसर बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है। बोर्ड ने एकतरफा आदेश न देने की मांग की है।
- Written By: अनिल सिंह
CBFC On Jan Nayagan Controversy (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
CBFC On Jan Nayagan Controversy: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ अपनी रिलीज से पहले ही कानूनी पेचीदगियों के भंवर में फंस गई है। फिल्म के सर्टिफिकेशन को लेकर जारी खींचतान के बीच केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने सुप्रीम कोर्ट में एक ‘कैविएट’ (Caveat) दायर की है। बोर्ड ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया है कि निर्माताओं की किसी भी याचिका पर फैसला सुनाने से पहले बोर्ड का पक्ष अनिवार्य रूप से सुना जाए।
यह विवाद अब मद्रास हाईकोर्ट से निकलकर देश की सबसे बड़ी अदालत की दहलीज पर पहुँच गया है, जिससे फिल्म की रिलीज पर अनिश्चितता के बादल और गहरे हो गए हैं।
सेंसर बोर्ड ने क्यों दायर की कैविएट
सेंसर बोर्ड का यह कदम मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के उस हालिया फैसले के बाद आया है, जिसमें बोर्ड को राहत मिली थी। इससे पहले, हाईकोर्ट के सिंगल जज ने बोर्ड को फिल्म को ‘UA 16+’ सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था, जिसे डिवीजन बेंच ने रद्द कर दिया। अब सीबीएफसी चाहता है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई भी एकतरफा (Ex-parte) आदेश पारित न करे। बोर्ड का तर्क है कि उसे नियमों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर फिल्म की समीक्षा करने का पूर्ण अधिकार है।
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पोंगल रिलीज से चूकी फिल्म, अब तक का घटनाक्रम
‘जन नायकन‘ मूल रूप से 9 जनवरी को पोंगल के शुभ अवसर पर रिलीज होनी थी। निर्माताओं (KVN प्रोडक्शंस) का आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ही फिल्म जमा कर दी थी और बोर्ड द्वारा सुझाए गए सभी कट्स और म्यूट संवादों को लागू कर दिया था। बावजूद इसके, शिकायतों का हवाला देते हुए मामले को रिवाइजिंग कमेटी को भेज दिया गया। 15 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए हाईकोर्ट को जल्द फैसला लेने को कहा था, लेकिन कानूनी दांव-पेंच खत्म होने का नाम नहीं ले रहे।
थलापति विजय की ‘आखिरी पारी’ पर सबकी नजर
राजनीति में पूर्ण रूप से सक्रिय होने से पहले थलापति विजय की यह आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जो इसे उनके प्रशंसकों के लिए बेहद भावुक और खास बनाती है। फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल और प्रकाश राज जैसे बड़े सितारे नजर आने वाले हैं। फिल्म की कहानी राजनीतिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे लेकर सेंसर बोर्ड काफी सतर्कता बरत रहा है। फिलहाल, सिनेप्रेमी और वितरक सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टकटकी लगाए बैठे हैं।
