
विजय की जन नायकन (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)
Vijay Jana Nayagan Court Case: मद्रास हाईकोर्ट ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जन नायकन’ से जुड़े सेंसर सर्टिफिकेशन विवाद में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने सिंगल जज द्वारा सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को फिल्म को प्रमाणित करने के दिए गए आदेश को रद्द कर दिया है। हालांकि, अदालत ने मामले को पूरी तरह खारिज नहीं किया, बल्कि इसे दोबारा सुनवाई के लिए सिंगल जज के पास वापस भेज दिया है।
डिविजन बेंच ने अपने आदेश में साफ कहा कि सिंगल जज ने मामले के मेरिट्स पर फैसला सुनाने से पहले CBFC को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर नहीं दिया। कोर्ट के अनुसार, किसी भी संवैधानिक या कानूनी प्राधिकरण के आदेश को चुनौती दिए बिना सीधे मेरिट्स पर जाना न्यायसंगत नहीं है। ऐसे मामलों में सभी पक्षों को सुने बिना कोई भी फैसला प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ माना जाएगा।
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि CBFC के चेयरपर्सन के आदेश को विधिवत चुनौती दिए बिना सर्टिफिकेशन से जुड़े निर्देश नहीं दिए जा सकते थे। इसी आधार पर डिविजन बेंच ने CBFC की अपील को स्वीकार करते हुए सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया और पूरे मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए लौटाने का निर्देश दिया।
मद्रास हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि अब सिंगल जज को जल्द से जल्द इस मामले की सुनवाई करनी चाहिए और फिल्म से जुड़े सभी पक्षों CBFC और प्रोडक्शन हाउस को अपनी-अपनी दलीलें रखने का पूरा मौका दिया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं को यह छूट भी दी कि वे अपनी याचिका में जरूरत पड़ने पर संशोधन कर सकते हैं।
गौरतलब है कि ‘जन नायकन’ विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है, जिसे लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। ऐसे में सेंसर सर्टिफिकेशन को लेकर पैदा हुआ यह कानूनी पेंच फिल्म की रिलीज पर असर डाल सकता है। अब सबकी निगाहें सिंगल जज की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि फिल्म को किस तरह का सर्टिफिकेट मिलेगा और विवाद का अंतिम समाधान क्या होगा।






