हेमा नाम की लड़की कैसे बनी लता मंगेशकर, रिकॉर्डिंग से पहले उतार देती थीं चप्पल
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को इंदौर में हुआ था। 6 फरवरी, 2022 को उनका निधन हो गया था। 92 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली थी। उनके निधन की खबर से पूरा देश शोक में डूबा था।
- Written By: सोनाली झा
हेमा नाम की लड़की कैसे बनी स्वर कोकिला लता मंगेशकर
मुंबई: फिल्म इंडस्ट्री की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को इंदौर में मशहूर संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के यहां हुआ था। लता मंगेशकर के पिता भी रंगमंच के कलाकार और गायक भी थे, इसलिए संगीत इन्हें विरासत में मिली। बहुत कम लोग को पता है कि लता का पहला नाम हेमा था, मगर जन्म के 5 साल बाद उनके माता-पिता ने इनका नाम लता रख दिया था। इतना ही नहीं लता रिकॉर्डिंग से पहले हमेसा अपनी चप्पल उतार देती थीं।
लता मंगेशकर जब 13 साल की थी तभी उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। जिसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी लता मंगेशकर के सिर पर आ गई थी और वो अपनी पढ़ाई छोड़ कमाने लगी थी। लता मंगेशकर अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। इसके चलते लता ने शादी नहीं की थी। उन्होंने बचपन से ही काफी तकलीफों का सामना किया था। उनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण था।
भारत रत्न से सम्मानित स्वर कोकिला लता मंगेशकर 36 भाषाओं मे 50,000 से अधिक गाने गाई थीं। जिसमें हिंदी, भोजपुरी, उर्दू, मराठी, तमिल, कन्नड़, बंगाली जैसी कई अन्य भाषाएं शामिल है। उन्हें भारत रत्न के आलवा पद्म विभूषण, पद्म भूषण और दादासाहेब फाल्क अवॉर्ड समेत कई अन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। सन 1974 में दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का ‘गिनीज़ बुक रिकॉर्ड’ उनके नाम पर दर्ज है।
सम्बंधित ख़बरें
Lata Mangeshkar And Asha Bhosle: लता-आशा की याद में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल, हृदयनाथ मंगेशकर का ऐलान
नवभारत संपादकीय: मस्ती भरे गीतों की साम्राज्ञी थीं आशा भोसले, 8 दशक की शानदार यात्रा
एक बनी ‘सुर कोकिला’ तो दूसरी बनी एक्सपेरिमेंट की क्वीन, जानें कैसा था लता मंगेशकर और आशा भोसले का रिश्ता
जब रेडियो-दूरदर्शन ने लगाया रोक, ‘दम मारो दम’ पर मचा बवाल, लेकिन अवॉर्ड जीतकर छाईं Asha Bhosle
ये भी पढ़ें- विक्रांत मैसी के हाथ लगी राजकुमार हिरानी की सीरीज
लता दीदी महज एक दिन के लिए स्कूल गई थी। इसकी वजह यह रही कि जब वह पहले दिन अपनी छोटी बहन आशा भोसले को स्कूल लेकर गई तो अध्यापक ने आशा भोसले को यह कहकर स्कूल से निकाल दिया कि उन्हें भी स्कूल की फीस देनी होगी। बाद में लता ने निश्चय किया कि वह कभी स्कूल नहीं जाएंगी। हालांकि बाद में उन्हें न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सहित छह विश्वविद्यालयों में मानक उपाधि से नवाजा गया।
लता मंगेशकर आठ जनवरी, 2022 को कोरोना वायरस से संक्रमित हुई थी। इसके साथ ही उन्हें निमोनिया भी हुआ था, जिसके चलते दिन-प्रतिदिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ता गया और 6 फरवरी, 2022 को उनका निधन हो गया था। 92 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली थी। उनके निधन की खबर से पूरा देश शोक में डूबा था। उनका जाना संगीत की दुनिया को एक बड़ा नुकसान था।
