Lata Mangeshkar And Asha Bhosle: लता-आशा की याद में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल, हृदयनाथ मंगेशकर का ऐलान
Lata Mangeshkar और आशा भोसले की याद में पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। हृदयनाथ मंगेशकर ने इस प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। यह अस्पताल गरीबों के इलाज के उद्देश्य से बनेगा।
- Written By: सोनाली झा
लता मंगेशकर और आशा भोसले (फोटो- सोशल मीडिया)
Lata Mangeshkar And Asha Bhosle Hospital: भारतीय संगीत जगत की दो महान हस्तियों लता मंगेशकर और आशा भोसले के निधन के बाद पूरा देश भावुक है। इसी बीच उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने एक बड़ा ऐलान किया है, जो इन दोनों दिग्गज बहनों की विरासत को हमेशा जीवित रखेगा। हृदयनाथ मंगेशकर ने घोषणा की है कि लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में पुणे में एक भव्य अस्पताल बनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसे एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना है।
यह अस्पताल न सिर्फ आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, बल्कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए भी एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आएगा। हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि यह सपना नया नहीं है, बल्कि उनकी मां और बड़ी बहन लता मंगेशकर का वर्षों पुराना सपना था। करीब 25 साल पहले इस अस्पताल को बनाने की कोशिश शुरू की गई थी, लेकिन कुछ कारणों से यह योजना पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि लता जी हमेशा चाहती थीं कि एक ऐसा अस्पताल बने, जहां गरीबों का मुफ्त या कम खर्च में इलाज हो सके। अब परिवार ने उसी सपने को साकार करने का फैसला लिया है।
अब दोनों बहनों के नाम पर होगा अस्पताल
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पहले यह योजना सिर्फ लता मंगेशकर के नाम पर अस्पताल बनाने की थी, लेकिन अब आशा भोसले के निधन के बाद परिवार ने फैसला बदल दिया है। अब यह अस्पताल दोनों बहनों के नाम पर बनाया जाएगा। हृदयनाथ ने भावुक होकर कहा कि दोनों बहनों का संगीत और समाज के प्रति योगदान अतुलनीय है, इसलिए यह अस्पताल उनके नाम को और भी ऊंचाई देगा।
उद्घाटन की तैयारी और आगे की योजना
इस अस्पताल के उद्घाटन की तारीख 16 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन आशा भोसले के निधन के कारण इसमें बदलाव की संभावना जताई जा रही है। परिवार अब नई तारीख के साथ इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएगा। यह अस्पताल न केवल चिकित्सा सेवाओं का केंद्र बनेगा, बल्कि लता और आशा की मानवता और सेवा भावना का प्रतीक भी होगा। संगीत की दुनिया में अमर इन दोनों बहनों की विरासत अब समाज सेवा के रूप में भी हमेशा जीवित रहेगी।
