8 घंटे की शिफ्ट को लेकर आमने-सामने आए दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, इंडस्ट्री में छिड़ी नई बहस
Deepika Padukone Working Hours: दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मांग ने बॉलीवुड में नई बहस छेड़ दी है। जहां वह वर्क-लाइफ बैलेंस की बात करती हैं, वहीं रणवीर लंबे घंटों तक काम करने के पक्ष में हैं।
- Written By: सोनाली झा
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह (फोटो- सोशल मीडिया)
Deepika Padukone 8 Hours Shift: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर काम के घंटों को लेकर बहस तेज हो गई है। इस बहस के केंद्र में हैं दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, जिनके काम करने के तरीके और सोच में साफ अंतर देखने को मिल रहा है। मां बनने के बाद दीपिका पादुकोण ने फिल्म इंडस्ट्री में 8 घंटे की शिफ्ट की वकालत की है। उनका मानना है कि लंबे समय तक काम करना किसी की प्रतिबद्धता का पैमाना नहीं होना चाहिए।
दीपिका पादुकोण के अनुसार, लगातार 12-16 घंटे काम करना कलाकारों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर असर डालता है, इसलिए एक संतुलित कार्य समय जरूरी है। वहीं रणवीर सिंह इस मुद्दे पर बिल्कुल अलग नजरिया रखते हैं। उनके लिए काम केवल एक शिफ्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इसे जुनून और समर्पण के तौर पर देखते हैं।
धुरंधर के दौरान 16-18 घंटे की शिफ्ट
रणवीर ने पहले भी कहा है कि फिल्मों की शूटिंग कई बार 8 घंटे में पूरी नहीं हो सकती। ऐसे में जरूरत पड़ने पर ज्यादा समय तक काम करना ही बेहतर होता है। निर्देशक आदित्य धर ने खुलासा किया था कि फिल्म धुरंधर की शूटिंग के दौरान रणवीर सिंह और पूरी टीम ने कई बार 16-18 घंटे तक लगातार काम किया। यह उदाहरण रणवीर के काम के प्रति समर्पण को दिखाता है, लेकिन साथ ही इंडस्ट्री में लंबे घंटों की संस्कृति पर सवाल भी खड़े करता है।
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इंडस्ट्री में बंटे हुए हैं मत
इस मुद्दे पर फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। कंगना रनौत ने दीपिका के विचारों का समर्थन किया है और वर्क-लाइफ बैलेंस को जरूरी बताया है। वहीं कुछ फिल्ममेकर, जैसे संदीप रेड्डी वांगा और फराह खान इस विचार से सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि फिल्म निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें समय की पाबंदी हमेशा संभव नहीं होती।
स्पिरिट फिल्म से जुड़ा विवाद
खबरों के मुताबिक, इसी मुद्दे के चलते दीपिका पादुकोण ने स्पिरिट फिल्म से खुद को अलग कर लिया था। बाद में इस प्रोजेक्ट में तृप्ति डिमरी को कास्ट किया गया। आज के समय में जहां कलाकार अपनी सेहत और निजी जिंदगी को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं फिल्म इंडस्ट्री के पारंपरिक कामकाज के तरीके भी चुनौती का सामना कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इंडस्ट्री 8 घंटे की शिफ्ट जैसे नियमों को अपनाती है या फिर पुरानी कार्यशैली को ही जारी रखती है।
