10 साल बैंक में नौकरी कर चुके हैं मराठी सिनेमा के सम्राट अशोक सराफ, पांडू हवलदार फिल्म से मिली शोहरत
ठाकुर तो गियो, डायलॉग बहुत फेमस हुआ था। शाहरुख खान और सलमान खान की फिल्म करण अर्जुन का यह डायलॉग लोगों को आज भी याद है। अशोक सराफ फिल्म में यह डायलॉग बोलते हुए नजर आए थे। उन्होंने मुंशी जी का किरदार निभाया था।
- Written By: अनिल सिंह
अशोक सराफ के जन्मदिन पर पढ़ें एक्टर से जुड़े कुछ अनसुने किस्से
अशोक सराफ भारतीय सिनेमा के एक ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने बॉलीवुड में कम फिल्में की, लेकिन वह अपने दमदार किरदार के लिए पहचाने जाते हैं। अजय देवगन की सिंघम में वो नजर आए। 1999 में वह संजय दत्त की फिल्म खूबसूरत में भी काम किया। अशोक सराफ शाहरुख खान की कोयला, बॉबी देओल की गुप्त, सुनील शेट्टी की जज मुजरिम, शाहरुख खान की यस बॉस, सलमान खान की बंधन और प्यार किया तो डरना क्या फिल्म में नजर आ चुके हैं। लेकिन करण अर्जुन का उनका डायलॉग ठाकुर तो गियो, खूब लोकप्रिय हुआ था और आज भी यदि कोई किसी समस्या में फंसता है तो यह डायलॉग आसानी से सुना जा सकता है।
अशोक सराफ का जन्म 4 जून 1947 को ब्रिटिश इंडिया के बॉम्बे स्टेट में हुआ था, उन्होंने डीजीटी विद्यालय से अपनी शिक्षा प्राप्त की और जल्दी उनका रुझान थिएटर की तरफ हो गया। साल 1969 में जानकी नाम की मराठी फिल्म से उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी। 50 साल के अपने फ़िल्मी करियर में उन्होंने सैकड़ों मराठी और दर्जनों हिंदी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा उन्होंने टीवी सीरियल में भी खूब काम किया, उनका हिंदी सीरियल हम पांच काफी लोकप्रिय हुआ था।
ये भी पढ़ें- नरेंद्र मोदी की वजह से राजपाल यादव ने छोड़ी राजनीति, एक्टर बोले मैं जो चाहता था…
सम्बंधित ख़बरें
शाहरुख खान की ‘किंग’ से टला क्लैश, अब नई तारीख पर रिलीज होगी Aneet Padda की ‘शक्ति शालिनी’
‘आप बिहारी है’, जब Shekhar Suman से बोले नितिन गडकरी, शो में छाए हंसी के ठहाके
कान्स 2026 में ब्लैक गाउन पहन Huma Qureshi ने बिखेरा ग्लैमर, तस्वीरों ने इंटरनेट पर मचाया तहलका
Moushumi Chatterjee ने की जीतेंद्र की समय पाबंदी की तारीफ, बोलीं- शूटिंग से एक घंटा पहले हो जाते थे तैयार
अशोक सराफ को हाल ही में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। अशोक सराफ को मराठी सिनेमा का सम्राट कहा जाता है। उन्होंने फिल्मों में आने के पहले 10 साल तक सरकारी बैंक में नौकरी की है। उनके पिता इंपोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस करते थे, उनकी चाहत थी कि बेटा पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी करे। इसी वजह से उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की नौकरी स्वीकार कर ली। लेकिन उन्होंने अपने एक्टिंग की हुनर को मरने नहीं दिया। वह चोरी-छिपे थिएटर किया करते थे।
अशोक सराफ ने खुद से 18 साल छोटी निवेदिता जोशी से शादी की थी। दोनों का एक बेटा है जिसका नाम अनिकेत सराफ है। 1969 में अशोक सराफ ने मराठी सिनेमा में एंट्री तो कर ली थी, लेकिन उन्हें शोहरत 1975 में आई फिल्म पांडू हवलदार नाम की फिल्म से मिली। उस फिल्म में वह दादा कोंडके के साथ नजर आए थे। पांडू हवलदार फिल्म में उन्होंने हवलदार सखाराम का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। आज वो अपना 78वां जन्मदिन मना रहे हैं।
