- Hindi News »
- Elections »
- West Bengal Left Front Decline Inside Story Cpm Zero Seats
बंगाल में कैसे ताश के पत्तों की तरह ढहा वामपंथ का किला, 2021 में जीरो हुई 34 साल की सत्ता, जानें इनसाइड स्टोरी
TMC vs Left: पश्चिम बंगाल में 34 वर्षों तक एकछत्र राज करने वाला वाम मोर्चा आज राजनीतिक हाशिए पर है, जिसका वोट शेयर 40% से गिरकर महज 5% रह गया और विधानसभा में सीटों का खाता शून्य हो गया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय

बीडी भट्टाचार्य और ममता बनर्जी, फोटो- सोशल मीडिया
West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कभी जिस ‘लाल झंडे’ की तूती बोलती थी, आज वह अपने अस्तित्व की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व में वाम मोर्चे ने 1977 से 2011 तक लगातार 34 साल सत्ता पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन आज यह दल चुनावी रूप से अप्रासंगिक होने की कगार पर है।
सत्ता की लंबी आदत, जनता से टूटता संपर्क और रणनीतिक चूकों ने एक समय की अपराजेय ताकत को ‘जीरो’ पर लाकर खड़ा कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं किन कारणों से लेफ्ट के हाथ से पूरा बंगाल रेत की तरह निकलता चला गया।
40% से 5% पर गिरा वोट बैंक
वामपंथ के पतन की कहानी आंकड़ों में बेहद चौंकाने वाली है। साल 2011 में सत्ता गंवाने के बाद भी CPM के पास 40% वोट बैंक सुरक्षित था। लेकिन इसके बाद ग्राफ तेजी से नीचे गिरा, देखिए ये आंकड़े:
सम्बंधित ख़बरें
बंगाल चुनाव का नागपुर पर असर, मानसून से पहले झटका; मजदूरों की कमी से सड़क और बिल्डिंग कार्य प्रभावित
उनकी पूरी जिंदगी अदालतों के…ममता बनर्जी पर भाजपा नेता का तीखे वार, बोले- चुनावी हिंसा की पुरानी परंपरा बदली
सीएम सुवेंदु का बड़ा एक्शन, दीदी की सरकार में बने जाति प्रमाण पत्रों की होगी जांच, 1.69 करोड़ लोग रडार पर
‘जिसे जाना है जाए, मैं अकेले TMC को खड़ी कर लूंगी’, कालीघाट बैठक में ममता का बागी नेताओं को दो-टूक
2016 विधानसभा: वोट शेयर गिरकर ~26% हुआ और सीटें 32 रह गईं।
2019 लोकसभा: वोट शेयर महज 6.28% रह गया और पार्टी विपक्ष की जगह भाजपा से हार गई।
2021 विधानसभा: वामपंथियों का सूपड़ा साफ हो गया; वोट शेयर 5% से भी कम रहा और सीटों का खाता शून्य रहा।

सिंगूर-नंदीग्राम और ‘प्रो-फार्मर’ छवि का अंत
वामपंथ के पतन की शुरुआत सिंगूर और नंदीग्राम के आंदोलनों से हुई। साल 2006 में टाटा नैनो प्रोजेक्ट के लिए सिंगूर में भूमि अधिग्रहण विवाद और 2007 में नंदीग्राम में SEZ के खिलाफ हुए हिंसक आंदोलनों ने लेफ्ट की “किसान-हितैषी” छवि को मटियामेट कर दिया। इन घटनाओं ने उस जनमत को वामपंथ के खिलाफ खड़ा कर दिया जो पहले से ही 34 साल के शासन से ऊब चुका था। ममता बनर्जी ने इन आंदोलनों को बखूबी भुनाया और ‘परिवर्तन’ की लहर पैदा कर दी।
जब ‘पार्टी ही बन गई सरकार’ और फैला भ्रष्टाचार
राजनीतिक पंडितों की मानें तो लंबे शासन के दौरान प्रशासन और पार्टी के बीच का अंतर खत्म हो गया था। पार्टी कार्यालय सरकारी कामकाज के बंटवारे के केंद्र बन गए, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच भ्रष्टाचार फैल गया। सफल भूमि सुधारों के बाद सहकारी खेती लागू करने में विफलता ने भी कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया। धीरे-धीरे पार्टी का ग्रासरूट कनेक्ट कमजोर हुआ और वह जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रही।
बीजेपी का उदय और वामपंथी वोटों का पलायन
वामपंथ के पतन का सबसे बड़ा फायदा भाजपा को मिला। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 23% तक बढ़ गया, जबकि वामपंथियों को ठीक उतना ही नुकसान हुआ। कई वामपंथी कैडरों ने तृणमूल कांग्रेस से मुकाबला करने के लिए अपनी विचारधारा के विपरीत भाजपा का दामन थाम लिया या उन्हें समर्थन दे दिया। भाजपा ने इस ‘राजनीतिक खालीपन’ को भरा और 2021 में 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्ष बन गई, जबकि लेफ्ट हाशिए पर चला गया।
यह भी पढ़ें: ममता के प्रस्तावक और TMC विधायक पर IT की टेढ़ी नजर, बंगाल चुनाव से ठीक पहले छापेमारी ने बढ़ाई सियासी तपिश
युवा नेतृत्व की अनदेखी भी बनी गले की फांस
पार्टी के भीतर नेतृत्व का बड़ा संकट उभरकर सामने आया। युवा वोटर्स को लेफ्ट का नैरेटिव पुराना लगने लगा। हाल ही में युवा नेता प्रतीकुर रहमान, जिन्होंने डायमंड हार्बर से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, ने CPM छोड़कर TMC का दामन थाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने उनके काम को नजरअंदाज किया और शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में मुकाबला मुख्य रूप से TMC बनाम BJP बन चुका है और लेफ्ट के लिए वापसी की राह नेतृत्व और संसाधनों के अभाव में बेहद कठिन नजर आती है।
West bengal left front decline inside story cpm zero seats
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal: सोमवार को मकर और वृश्चिक राशि वालों को होगा बंपर लाभ, जानिए सभी 12 राशियों का आज का भाग्यफल
May 18, 2026 | 12:10 AMIPL 2026: राजधानी में DC की बादशाहत, राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से चटाई धूल, अक्षर पटेल ने खेली कप्तानी पारी
May 17, 2026 | 11:34 PMइंडोनेशिया में फिर फटा ज्वालामुखी, आसमान में 5,000 मीटर ऊपर तक उड़ा राख का गुबार; हाई अलर्ट जारी
May 17, 2026 | 10:57 PMकोलकाता के पार्क सर्कस में भड़की हिंसा, प्रदर्शनकारियों के पथराव में 3 पुलिस घायल; मौके पर सुरक्षाबल तैनात
May 17, 2026 | 10:55 PMअभिनेत्री उषा चव्हाण के जमीन विवाद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बड़ी एंट्री, TDR ट्रांजैक्शन पर लगाई रोक
May 17, 2026 | 10:55 PMऋषभ पंत पर गिरेगी गाज! सिलेक्शन कमेटी लेने जा रही बड़ा फैसला, टेस्ट टीम में इस बड़ी जिम्मेदारी से होगी छुट्टी?
May 17, 2026 | 10:23 PMस्वीडन ने PM मोदी को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा, प्रधानमंत्री के खाते में दर्ज हुआ 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान
May 17, 2026 | 10:21 PMवीडियो गैलरी

लखनऊ में भारी बवाल, वकीलों के अवैध चैंबरों पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर, पुलिस ने की लाठीचार्ज, देखें VIDEO
May 17, 2026 | 01:25 PM
शिक्षामंत्री फुंकवाते हैं और स्वास्थ्य मंत्री…बिहार सरकार पर तेजस्वी का तंज, बोले- सरकार ने जनता को ठगा
May 17, 2026 | 01:09 PM
आग का गोला बनी राजधनी एक्सप्रेस! थर्ड AC और SLR कोच जलकर खाक, देखें कैसे बची 68 यात्रियों की जान- VIDEO
May 17, 2026 | 12:54 PM
मेरे लिए बेहद लकी है गोवा…अरविंद केजरीवाल ने बताया कैसे गोवा पहुंचते ही पलट गई शराब घोटाले की बाजी! VIDEO
May 17, 2026 | 12:17 PM
16 मई को ठप हो जाएगी दिल्ली-मुंबई? डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवरों का फूटा गुस्सा, देशव्यापी बंद का ऐलान
May 16, 2026 | 01:25 PM
उनकी पूरी जिंदगी अदालतों के…ममता बनर्जी पर भाजपा नेता का तीखे वार, बोले- चुनावी हिंसा की पुरानी परंपरा बदली
May 16, 2026 | 01:06 PM













