बंगाल में महा-परिवर्तन या ममता का चौका? 92% से अधिक बंपर वोटिंग और ग्रहों की चाल दे रही है ये बड़े संकेत!
West Bengal Election Exit Poll: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में 92% से अधिक मतदान ने सबको चौंकाया। जानिए ज्योतिषीय गणना और ग्रहों के गोचर के अनुसार किसकी बनेगी सरकार और किसे मिलेंगी कितनी सीटें।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक एआई फोटो
West Bengal Election 2026 Prediction: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म हो गया। इस बार बंगाल की जनता ने रिकॉर्ड तोड़ 92 % से अधिक मतदान कर इतिहास रच दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह भारी मतदान बदलाव का संकेत है या मौजूदा सरकार के प्रति भरोसे का? आइए, ज्योतिष शास्त्र और वर्तमान ग्रहों की स्थिति के आइने से इसे समझने की कोशिश करते हैं।
सत्ता के कारक ग्रहों का खेल
ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, किसी भी चुनाव के परिणाम में सूर्य (प्रशासन), मंगल (शक्ति) और शनि (जनता) की भूमिका अहम होती है। वर्तमान में शनि का कुंभ राशि में गोचर जनता के मन में गहरे असंतोष या गहरे जुड़ाव, दोनों को जन्म देता है। जब मतदान का प्रतिशत 90 के पार चला जाए, तो ज्योतिष इसे राहु का प्रभाव मानता है, जो आकस्मिक और अप्रत्याशित परिणामों की ओर इशारा करता है।
क्या कहती है ममता बनर्जी की कुंडली?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी की कुंडली में चंद्रमा प्रबल है जो उन्हें महिला मतदाताओं का मसीहा बनाता है। हालांकि, वर्तमान में उनकी राशि पर शनि की दृष्टि एक कठिन अग्निपरीक्षा का संकेत दे रही है। यदि महिला वोटर्स ने साइलेंट रहकर मतदान किया है, तो ममता बनर्जी करीब 140-155 सीटों के साथ सत्ता के करीब रह सकती हैं।
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क्या पश्चिम बंगाल में हो रहा है भाजपा का उदय?
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कुंडली में गुरु और सूर्य की युति बंगाल में एक बड़े संगठनात्मक लाभ को दर्शा रही है। मेदिनी ज्योतिष के अनुसार, जब भारी मतदान होता है तो वह अक्सर सत्ता विरोधी लहर का परिणाम होता है। गणना के अनुसार, भाजपा को इस बार 150-170 सीटों के बीच बढ़त मिल सकती है, जो उन्हें पहली बार कोलकाता के नबन्ना (सचिवालय) तक पहुंचा सकता है।
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क्या कहता है पोल ऑफ पोल्स?
ग्रहों की दशा और ‘पोल ऑफ पोल्स’ के औसत को देखें तो तस्वीर कुछ इस प्रकार से नजर आती है:
BJP+:150-165 सीटें (बहुमत मिलने की प्रबल संभावना)
TMC: 130-145 सीटें सीटें (कड़ी टक्कर)
वामदल/कांग्रेस: 2-8 सीटें (अस्तित्व की लड़ाई)
बता देंं कि पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटें है लेकिन सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत है।
