BJP की 'नो रिपीट' पॉलिसी: चुनाव हार चुके दिग्गजों को विधान परिषद में नो एंट्री, 30 नामों की लिस्ट दिल्ली रवाना

Maharashtra MLC Election 2026: बीजेपी ने विधान परिषद चुनाव के लिए 30 नामों की सूची दिल्ली भेजी। चुनाव हार चुके नेताओं को टिकट न देने की शर्त।
Amit Shah Devendra Fadnvis
Amit Shah Devendra Fadnvis (फोटो क्रेडिट-X)
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Maharashtra Vidhan Parishad Election 2026 BJP: महाराष्ट्र में आगामी विधान परिषद चुनाव 2026 की सरगर्मी तेज हो गई है। गुरुवार को मुंबई में हुई भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में उम्मीदवारों के चयन को लेकर गहन मंथन हुआ, जिसके बाद 30 संभावित नामों की एक प्रारंभिक सूची पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को दिल्ली भेज दी गई है। हालांकि, इस बार भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन के लिए एक सख्त और नई नीति अपनाने का संकेत दिया है, जिससे कई स्थापित नेताओं के समीकरण बिगड़ सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उन नेताओं को टिकट देने के पक्ष में नहीं है जो हालिया लोकसभा या विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। पार्टी का मानना है कि जो नेता सीधे जनता के बीच से चुनकर नहीं आ सके, उन्हें विधान परिषद के जरिए 'पिछले दरवाजे' से सदन में भेजना उचित नहीं है। इसके बजाय, पार्टी संगठन में वर्षों से सक्रिय रहने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं और जातीय संतुलन बैठाने वाले नए चेहरों को प्राथमिकता देने पर विचार कर रही है।

सूची में शामिल प्रमुख नाम

दिल्ली भेजी गई 30 नामों की सूची में संगठन के विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले निम्नलिखित नेताओं के नाम चर्चा में हैं:

  • माधवी नाईक
  • डॉ. उपेंद्र कोठेकर
  • मनोज कोटक
  • केशव उपाध्ये।
  • रवी अनासपुरे
  • राजेश पांडे
  • दयाशंकर तिवारी
  • राम सातपुते
  • रणजीत सिंह निंबालकर
  • संजय काका पाटिल
  • विवेक कोल्हे
  • जगदीश मुलीक
  • प्रमोद जठार
  • संजय केणेकर
  • अर्चना पाटिल चाकूरकर
  • दादाराव केचे
  • संजय भेंडे

प्रज्ञा सातव का पत्ता लगभग साफ

कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाली प्रज्ञा सातव की उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है। प्रज्ञा सातव के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर भाजपा उन्हें ही अपना उम्मीदवार बना सकती है। कुल 9 नियमित सीटों में से भाजपा के खाते में 5 सीटें आने की प्रबल संभावना है। यदि एक सीट प्रज्ञा सातव को दी जाती है, तो शेष 4 सीटों के लिए सूची में शामिल अन्य नेताओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी।

चौंकाने वाले फैसलों की संभावना

अगले 4 से 5 दिनों में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस सूची पर अंतिम मुहर लगाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रणनीति के अनुसार, कुछ ऐसे 'चौंकाने वाले नाम' सामने आ सकते हैं जिनकी अभी तक चर्चा भी नहीं हुई है। इस फैसले से उन बड़े नेताओं को तगड़ा झटका लग सकता है जो चुनावी हार के बाद विधान परिषद के जरिए अपना राजनीतिक पुनर्वास करने की उम्मीद लगाए बैठे थे।

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