यूपी उपचुनाव: शंखनाद से पहले एक बार फिर से अखिलेश यादव को सताने लगा इस बात का डर, जानिए क्या है वजह?

उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर कभी भी चुनावी शंखनाद हो सकता है। बीजेपी इस उपचुनाव में जीत दर्ज कर लोकसभा चुनाव में सपा को मिली बढ़त को तुक्का साबित करना चाहती है, तो वहीं सपा बीजेपी को मात देकर यह दिखाना चाहती हैं कि जो 'पीडीए' की बात करेगा उसे ही जनता का साथ मिलेगा। लेकिन चुनाव की घोषणा से पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव को एक डर भी सताने भी लगा है।
UP by-election Akhilesh Yadav is once again worried Before the announcement of the election
अखिलेश यादव [स्रोत: सोशल मीडिया]
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर कभी भी चुनावी शंखनाद हो सकता है। जिसके लिए सपा और बीजेपी दोनों ही जमकर तैयारियों में जुटी हुई हैं। बीजेपी इस उपचुनाव में जीत दर्ज कर लोकसभा चुनाव में सपा को मिली बढ़त को तुक्का साबित करना चाहती है, तो वहीं सपा बीजेपी को मात देकर यह दिखाना चाहती हैं कि जो 'पीडीए' की बात करेगा उसे ही जनता का साथ मिलेगा। लेकिन चुनाव की घोषणा से पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव को एक डर भी सताने भी लगा है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही उपचुनाव में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की आशंका जता चुके हैं। जिसके बाद पार्टी ने इसे रोकने के लिए बड़े स्तर पर रणनीति तैयार की है। इसके तहत वोटर लिस्ट को लेकर प्रदेश की सभी इकाइयों को अलर्ट कर दिया गया है। बूथ स्तर पर मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। अखिलेश यादव ने इस बाबत पार्टी की सभी यूनिट्स को वोटर लिस्ट पर नजर रखने का निर्देश दिया है।

वोटर लिस्ट पर सपा का फोकस

अगर वोटर लिस्ट में किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका है या किसी तरह की खामी पाई जाती है तो उसे तुरंत हटाया जाएगा। सपा अध्यक्ष ने आशंका जताई है कि उपचुनाव में सपा समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं, ऐसे में बूथ स्तर पर वोटर लिस्ट की निगरानी की जाए। इस संबंध में सपा ने तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाई है जो सभी शिकायतों के निवारण पर काम करेगी।

अखिलेश यादव ने बनाई रणनीति

अगर बूथ स्तर पर या किसी क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाए जाने में कोई खामी पाई जाती है तो सपा पदाधिकारी तुरंत सपा कार्यालय में तीन सदस्यीय टीम को सूचित करेंगे। जिसके बाद सपा की टीम चुनाव आयोग से शिकायत कर उसका समाधान कराएगी। इस संबंध में सपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से भी मिल चुका है।

इन सीटों पर होना है उपचुनाव

बता दें कि यूपी की दस विधानसभा सीटों करहल, कटेहरी, मिल्कीपुर, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, खैर, मीरापुर और सीसामऊ पर जल्द ही उपचुनाव होने वाले हैं। इनमें से नौ सीटें विधायकों के सांसद बन जाने से खाली हुई हैं, जबकि एक सीट सपा विधायक इरफान सोलंकी के दोषी करार दिए जाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द होने से खाली हुई है। इन दस सीटों में से पांच सीटें सपा, तीन भाजपा और एक-एक रालोद व निषाद पार्टी के पास थीं।

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